"उच्चारण" 1996 से समाचारपत्र पंजीयक, भारत सरकार नई-दिल्ली द्वारा पंजीकृत है। यहाँ प्रकाशित किसी भी सामग्री को ब्लॉग स्वामी की अनुमति के बिना किसी भी रूप में प्रयोग करना © कॉपीराइट एक्ट का उलंघन माना जायेगा।

Search This Blog

लोड हो रहा है. . .

समर्थक

शुक्रवार, 31 दिसम्बर 2010

"डूबा नया जमाना" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")



 वो अतीत-इतिहास बन गया,
जो भी हुआ पुराना।
नूतन के स्वागत-वन्दन में,
डूबा नया जमाना।।

भूल गये हैं हम उनको,
जो जग से हैं जाने वाले,
बूढ़े-बरगद की छाया को,
भूल गये मतवाले,
कर्कश गीतों को अपनाया,
छोड़ा मधुर तराना।
नूतन के स्वागत-वन्दन में,
डूबा नया जमाना।।

गंगा-गइया-मइया,
सबको हमने है बिसराया.
दूध-दही के बदले में,
मदिरा का प्याला भाया,
दाल-सब्जियाँ भूल, मांस को
शुरू कर दिया खाना। 
नूतन के स्वागत-वन्दन में,
डूबा नया जमाना।।

बदल नहीं पाये दिनचर्चा,
नहीं बदली कुछ चाल-ढाल,


जो  उठते हैं दिन चढ़ने पर,
उनको शुभ हो यह नया साल,
किन्तु हमें तो रोज-रोज ही
गीत नया है गाना,
नूतन के स्वागत-वन्दन में,
डूबा नया जमाना।। 

Read more...

बृहस्पतिवार, 30 दिसम्बर 2010

"नये साल का अभिनन्दन" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")


गये साल को है प्रणाम!
है नये साल का अभिनन्दन।।
लाया हूँ स्वागत करने को
थाली में कुछ अक्षत-चन्दन।।
है नये साल का अभिनन्दन।।

गंगा की धारा निर्मल हो,
मन-सुमन हमेशा खिले रहें,
हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई के,
हृदय हमेशा मिले रहें,
पूजा-अजान के साथ-साथ,
होवे भारतमाँ का वन्दन।
है नये साल का अभिनन्दन।।

नभ से बरसें सुख के बादल,
धरती की चूनर धानी हो,
गुरुओं का हो सम्मान सदा,
जन मानस ज्ञानी-ध्यानी हो,
भारत की पावन भूमि से,
मिट जाए रुदन और क्रन्दन।
है नये साल का अभिनन्दन।।

नारी का अटल सुहाग रहे,
निश्छल-सच्चा अनुराग रहे,
जीवित जंगल और बाग रहें,
सुर सज्जित राग-विराग रहें,
सच्चे अर्थों में तब ही तो,
होगा नूतन का अभिनन्दन।
है नये साल का अभिनन्दन।।

Read more...

बुधवार, 29 दिसम्बर 2010

"कर दूँगा रौशन जग सारा" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")




मैं नये साल का सूरज हूँ,
हरने आया हूँ अँधियारा।
 मैं स्वर्णरश्मियों से अपनी,
लेकर आऊँगा उजियारा।।

चन्दा को दूँगा मैं प्रकाश,
सुमनों को दूँगा मैं सुवास,
मैं रोज गगन में चमकूँगा,
मैं सदा रहूँगा आस-पास,
मैं जीवन का संवाहक हूँ,
कर दूँगा रौशन जग सारा।
लेकर आऊँगा उजियारा।।

मैं नित्य-नियम से चलता हूँ,
प्रतिदिन उगता और ढलता हूँ,
निद्रा से तुम्हें जगाने को,
पूरब से रोज निकलता हूँ,
नित नई ऊर्जा भर  दूँगा,
चमकेगा किस्मत का तारा।
लेकर आऊँगा उजियारा।।

मैं दिन का भेद बताता हूँ,
और रातों को छिप जाता हूँ,
विश्राम करो श्रम को करके,
मैं पाठ यही सिखलाता हूँ,
बन जाऊँगा मैं सरदी में,
गुनगुनी धूप का अंगारा।
लेकर आऊँगा उजियारा।।

मैं नये साल का सूरज हूँ,
हरने आया हूँ अँधियारा।।

Read more...

मंगलवार, 28 दिसम्बर 2010

"आने वाला है नया साल" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")


चमकेगा अब गगन-भाल।
आने वाला है नया साल।।


आशाएँ सरसती हैं मन में,
खुशियाँ बरसेंगी आँगन में,
सुधरेंगें बिगड़े हुए हाल।
आने वाला है नया साल।।

होंगी सब दूर विफलताएँ,
आयेंगी नई सफलताएँ,
जन्मेंगे फिर से पाल-बाल।
आने वाला है नया साल।।


सिक्कों में नहीं बिकेंगे मन,
सत्ता ढोयेंगे पावन जन,
अब नहीं चलेंगी वक्र-चाल।
आने वाला है नया साल।।



हठयोगी, पण्डे और ग्रन्थी,
हिन्दू-मुस्लिम, कट्टरपन्थी,
अब नहीं बुनेंगे धर्म-जाल।
आने वाला है नया साल।।

Read more...

सोमवार, 27 दिसम्बर 2010

"गुरगल चहक रहीं उपवन में" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

 सज्जनता बेहोश हो गई,
दुर्जनता पसरी आँगन में।
कोयलिया खामोश हो गई,
गुरगल चहक रहीं उपवन में।।


गहने तारे, कपड़े फाड़े,
लाज घूमती बदन उघाड़े,
यौवन के बाजार लगे हैं,
नग्न-नग्न शृंगार सजे हैं,
काँटें बिखरे हैं कानन में।
गुरगल चहक रहीं उपवन में।। 

मानवता की झोली खाली,
दानवता की है दीवाली,
चमन हुआ बेशर्म-मवाली,
मदिरा में डूबा है माली,
दम घुटता है आज वतन में।
गुरगल चहक रहीं उपवन में।। 

शीतलता रवि ने फैलाई,
पूनम ताप बढ़ाने आई,
बेमौसम में बदली छाई,
धरती पर फैली है काई,
दशा देख दुख होता मन में।
गुरगल चहक रहीं उपवन में।। 

सुख की खातिर पश्चिमवाले,
आते थे होकर मतवाले,
आज रीत ने पलटा खाया,
हमने उल्टा पथ अपनाया,
खोज रहे हम सुख को धन में।
गुरगल चहक रहीं उपवन में।। 

 शावक सिंह खिलाने वाले,
श्वान पालते बालों वाले,
बौने बने बड़े मनवाले,
जो थे राह दिखाने वाले,
भटक गये हैं बीहड-वन में।
गुरगल चहक रहीं उपवन में।।

Read more...

रविवार, 26 दिसम्बर 2010

"अमन का पैगाम" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

♥ मेरी 800वीं पोस्ट ♥
दे रहा है अमन का पैगाम भारत!
अब नहीं होगा हमारा देश आरत!!

आदमी हँसकर मिले इनसान से,
सीख लो यह सीख वेद-कुरान से,
वाहेगुरू का भी यही उपदेश है,
बाईबिल में प्यार का सन्देश है,

दे रहा है अमन का पैगाम भारत!
अब नहीं होगा हमारा देश आरत!!

चार दिन की जिन्दगी, बाकी अंधेरी रात है,
किसलिए फिर दुश्मनी की बात है,
शूल की गोदी में पलते फूल हैं,
बैर के अंकुर उगाना पेट में निर्मूल हैं,

दे रहा है अमन का पैगाम भारत!
अब नहीं होगा हमारा देश आरत!!

खुद जिएँ, औरों को जीना हम सिखाएँ,
इस धरा को स्वर्ग जैसा हम सजाएँ,
जिन्दगी और मौत का मालिक खुदा ,
कर रहा क्यों खुद को अपनों से जुदा,

दे रहा है अमन का पैगाम भारत!
अब नहीं होगा हमारा देश आरत!!

Read more...

शनिवार, 25 दिसम्बर 2010

"नये वर्ष का अभिनन्दन" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

नये वर्ष का अभिनन्दन!
जीवन बगिया चहके-महके,
बनकर कानन का चन्दन!
नये वर्ष का अभिनन्दन!

भू-नभ में फहराए पताका,
गर्वित गाथाएँ चर्चित हों।
दूर सभी हों भव-भय-बाधा,
खिलता सुमन सदा हर्षित हों।
राष्ट्रयज्ञ में अर्पित होकर,
करना माता का वन्दन!
नये वर्ष का अभिनन्दन!

मानवता के लिए प्यार हो,
अमल-धवल  जल की धारा हो।
धरती का धानी सिंगार हो,
मीत हमारा जग सारा हो।
स्वाभिमान से गर्वित होकर,
फूलें-फलें हमारे नन्दन!
नये वर्ष का अभिनन्दन!

Read more...

शुक्रवार, 24 दिसम्बर 2010

"मेरी क्रिसमस" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")




मानवता के लिए,
सलीबों को अपनाया।
लोहे की कीलों से,
अपना तन जिसने बिंधवाया।
आओ उस यीशू को,
हम प्रणाम करें!
उस बलिदानी का,
आओ गुणगान करें!!

सेवा का पावन पथ,
जिसने दिखलाया।
जातिवाद के भेद-भाव से,
जिसने मुक्त कराया।
आओ उस यीशू को,
हम प्रणाम करें!
उस बलिदानी का,
आओ गुणगान करें!!

घूम-घूम कर विद्यामन्दिर 
औरचिकित्सालय खुलवाया।
भूले-भटके लोगों को
जिसने था गले लगाया।
आओ उस यीशू को,
हम प्रणाम करें!
उस बलिदानी का,

आओ गुणगान करें!!

Read more...

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails

लेबल

'सिफत' के लिए शुभाशीष (1) -सन्देश- (2) 1111 (1) 38वी (1) My Dad Wishes by-Samphors Vuth (1) अकविता (45) अज़ल (1) अतुकान्त (2) अनुत्तरित प्रश्न (1) अनुवाद (26) अन्तर्जाल (1) अन्ना (2) अन्ना हजारे (1) अपनावतन (1) अपनीबात (1) अमन (1) अमन का सन्देश (1) अमरउजाला (1) अमरभारती (1) अमरभारती पहेली 100 के परिणाम (1) अमलतास (2) अमिया (1) अरमानों की डोली (1) अर्चना चावजी (4) अर्चना चावजी और रचनाबजाज (1) अर्चना-रचना (1) अलाव (1) असार-संसार (1) अहोईअष्टमी (1) आँसू (2) आइना (1) आगरा (1) आचरण (1) आज-कल (1) आजाद भारत (1) आजादी (1) आतंकवाद (1) आतंकी (1) आधी आजादी (1) आपाधापी (1) आभार (4) आभासी दुनिया (1) आम (3) आमन्त्रण (3) आराधना (1) आलिंगनदिवस (1) आलू (1) आवश्यक सूचना (1) आवागमन (1) आशा (2) आशा शैली (7) आशु-कविता (1) आसमान (1) आह्वान (1) इन्दिरा गांधी (1) इन्द्र बहादुर सेन (1) इबादत (1) ईद (1) उड़ान (1) उपहार (2) ऋतुराज (1) एक हजार (1) एक-विचार (1) एकाकीपन (1) एप्रिलफूल (1) एमिली डिकिंसन (1) एमीलोवेल (1) एला व्हीलर विलकॉक्स (1) ओले (1) ओसामा (1) कंकड़ और कबाड़ (1) ककड़ी (1) कथानक (1) कबूतर का घोंसला (1) कमल (1) कम्प्यूटर (2) करवाचौथ (1) कवि (1) कविगोष्ठी (1) कविता (110) कविता् (1) कविधर्म (1) कव्वाली (4) कसाब (1) कहा कीजिए (1) कहानी (1) काम-आराम (1) कारवाँ (1) किसान-जवान (1) कीटनिकम्मे (1) कुछ उड़ी हुई पोस्ट (1) कुटिलकाँटे (1) कुण्ठा (1) कुण्डलिया (1) कुण्डलियाँ (5) कुण्डलियाँ-चीयर्स बालाएँ (1) कुर्बानी (1) कुहरा (4) कु्ण्डलिया (1) कूड़ा-कचरा (1) कृषक (1) के बिना (1) कॉफी (1) क्यों? (1) क्रिकेट विश्वकप झलकियाँ (1) क्रिसमस का शुभकामनाएँ (1) क्रोध (1) क्षणिका (5) क्षणिकाएँ (2) खटीमा (1) खद्योत (1) खबर छपी अखबारों मे (1) खरगोश (1) खरबूजे (1) खादी (1) खादी-खाकी (1) खुली बहस- (1) खेत (1) गंगा (1) गंगास्नान (1) गंजे (1) गजल (21) गज़ल (40) गणतन्त्र (1) गणतन्त्रदिवस (1) गणेश वन्दना (2) गदहे (1) गद्दार (2) गद्य-गीत (7) गर्मी (1) ग़जल (2) ग़जल या गीत (2) ग़ज़ल (82) ग़ज़ल-गुरूसहाय भटनागर बदनाम (2) ग़ज़ल? (1) गिजाई (1) गीत (421) गीत ढोंग-आडम्बर (1) गीत? (1) गुझिया-बरफी (1) गुब्बारे (1) गुरू-शिष्य (1) गुरूकुल (1) गुरूदक्षिणा (1) गुरूसहाय भटनागर बदनाम (1) गुरूसहाय भटनागार (1) गूगल-फेसबुक (1) गेहूँ (1) गोविन्दसिंह कुंजवाल (1) ग्राम्यजीवन (1) ग्रीष्म (1) घास (1) चना-परमल (1) चम्पू काव्य (2) चवन्नी (1) चाँद-सूरज (1) चाय (1) चिड़िया (1) चित्रपट (1) चिन्तन (1) चुगलखोर (1) छंदहीनता (1) छुहारे-किशमिश (1) जन-जागरण (1) जन्म दिवस (1) जन्मदिन (3) जन्मदिवस (3) जरूरी है (1) जलधारा (1) ज़िन्दगी (1) ज़िन्दादिली (1) जागरण (1) जालजगत (1) जीने का ढंग (1) जीवन (3) जीवनचक्र (2) जीवनयात्रा (1) झनकइया मेला गंगास्नान (1) झूला (2) टिप्पणियाँ (1) टिप्पणी पोस्ट (1) टोपी (2) डॉ.धर्मवीर (1) ढोंग-आडम्बर (1) ढोंगी साधू (1) तिज़ारत (1) तीन साल का लेखा जोखा (1) तीन-लाइना (1) तुकबन्दी (1) तेल-लकड़ी (1) तोता (1) त्यौहार (1) दलबदलू (1) दहेज (1) दिल की बेकरारी (1) दिल-ए-ज़ज़्बात (1) दिल्ली (2) दिवाली (2) दीपक-बाती (1) दीपावली (5) दुनिया को दें ज्ञान (1) दुनियादारी (6) दुर्दशा (2) देश की हालत (1) देश-प्रेम गीत (1) देश-भक्ति गीत (6) देश-समाज (1) देशभक्ति गीत (1) देहरादून यात्रा (1) देहरादून यात्रा-दस दोहे (1) दो हाथों का घोड़ा (1) दो-अक्टूबर (1) दोनों पुस्तकों का विमोचन (1) दोस्ती-दग़ाबाजी (1) दोहा ग़ज़ल (1) दोहा-गीत (2) दोहा-मुक्तक (1) दोहागुणगान (1) दोहे (69) धनतेरस (1) धन्यवाद-ज्ञापन (2) धरा के रंग (3) धान (2) धीरे-धीरे (2) धूप (1) नमन (4) नया साल (1) नयासाल (1) नयी-कविता (2) नव सम्वतसर (1) नव-गीत (2) नवगीत (19) नवजात (1) नवरात्र (2) नववर्ष (4) नववर्ष-2012 (1) नवसम्वतसर (2) नवोदित (1) नारि (1) नारि न हुआ (1) नारी (1) निठल्ला-चिन्तन (2) नितिन (1) निर्वाचन (2) निर्वेद (1) नून (1) नेता (1) नेताजी (1) नेह (1) पंछी (1) पक्के आम (1) पढ़ना-लिखना (1) पत्थर (1) परदेशी (1) परिभाषा (2) परिवर्तन (1) परीक्षा (3) पर्यावरण (3) पर्वतीयमहिला (1) पहरे (1) पहाड़ (1) पानी (1) पिकनिक (1) पिचकारी (1) पुकार (1) पुतला (1) पुत्र-पुत्री (1) पुराना पेड़ (1) पुरानी कविता (1) पुरानी रचना (1) पुष्प (1) पेड़-पौधे (1) पॉडकास्ट (11) प्यार (5) प्यार-वफा (4) प्रकृतिचित्रण (3) प्रणय-गीत (3) प्रतिज्ञादिवस (1) प्रवास-यात्रा (2) प्रांजल (1) प्राची (2) प्रातराश (1) प्रार्थना (1) प्रेमदिवस (7) प्रेरक-प्रसंग (1) प्लम (1) फकीर (1) फल (2) फूल (1) फूल और काँटे (1) फूल-शूल (1) फैशन (1) फोटोफीचर (3) बँटवारा (1) बकरीद (1) बचपन (1) बजट (1) बदनाम (2) बदल जायेंगे (1) बमकांड (1) बसन्त (8) बहार (1) बातें (4) बातें करें (1) बादल (3) बाबा नागार्जुन का दुर्लभ चित्र (1) बाल कविता (7) बाल गीत (4) बाल- कविता (1) बाल-कविता (38) बाल-गीत (19) बालक (1) बालकविता (23) बालगीत (14) बालगीत गौमाता (1) बालमेला (1) बीते लम्हें (1) बूढ़ों को सलाह (1) बेबसी (1) बेवफाई (2) बोलते चित्र (1) ब्लॉगर्स मीट (1) ब्लॉगिंग (1) भइयादूज (1) भक्ति गीत (2) भजन (1) भाईदूज (1) भारत (1) भारत-नेपाल (1) भाव (1) भीड़ (1) भूमिका (1) भैंस (1) भ्रष्टाचार (5) मँहगाई (2) मच्छर (1) मच्छरदानी (1) मजहब (1) मतलवी संसार (1) मधुमास (1) मन (1) मन की बात (4) मन के उद्गार (1) मन ही नहीं है (1) मन-उपवन (1) मम्मी जी (1) मयख़ाना (1) मयखाना (1) महँगाई (1) महारानी लक्ष्मी बाई (1) मा. हरीश रावत जी से भेंटवार्ता (1) माँ (1) माँदुर्गा (1) मातृभाषा (1) माथापच्ची (1) मानवता (1) मिठाई (2) मुक्त छंद (3) मुक्त-छंद (1) मुक्त-छंद (लोक-तन्त्र) (1) मुक्त-छन्द (3) मुक्तक (19) मुक्तक-बाल गीत (1) मुबारकवाद (2) मुलाकात (1) मुहब्बत (1) मूर्ख दिवस (1) मेंढक (1) मेरा प्रण (1) मेरा बस्ता (1) मेरा वन्दन (1) मेरी ग़ज़ल (2) मेरी पसन्द (1) मेरी बात (1) मौसम (2) यात्रा-चित्र (2) यू-ट्यूब (1) रंग-गुलाल (1) रंगों का त्यौहार (1) रक्षाबन्धन (1) रपट (8) रबड़छन्द (1) रविकर जी को समर्पित (2) राजनीति (2) राजनीतिक घमासान (1) राजनीतिक विश्लेषण (1) राम (1) रामनाम (1) रावण (1) राष्ट्रभाषा (1) राष्ट्रीय-गीत (1) रिश्तेदार (1) रीतीगागर (1) रूप (2) रेत के घरौंदे (1) रेतपर (1) रेलगाड़ी (1) रेलबजट (1) रॉबर्ट लुई स्टीवेंसन (1) लघु-कथा (3) ललकार (1) लाठीचार्ज (1) लिखना-पढ़ना नहीं आया (1) लीची (1) लेख (3) लेख (सुझाव) (1) लैपटाप (1) लोकगीत (1) लोकपाल (2) लोकाचार (1) लोकार्पण (1) लौकी (1) वनखण्डी महादेव (1) वन्दना (10) वन्दना गुप्ता (1) वर्षगाँठ (2) वर्षा (2) वर्षाऋतु (1) वसन्त (2) वार्तालाप (1) वाल कविता (2) वालकविता (1) वासन्ती गीत (1) विकराल-समस्या (1) विजयादशमी (1) विदेशभक्ति (1) विनीत संग पल्लवी (1) विमोचन के दृश्य (1) विरह-गीत (3) विश्वकप का जश्न (1) वृद्धसेना (1) वेबकैम (1) वोट-नोट (1) व्यंग्य (8) व्यंग्य-गीत (2) शत्-शत् प्रणाम (2) शब्द-चित्र (3) शम्मा (1) शराब (2) शह-मात (1) शहतूत (1) शाकाहार (1) शारदेमाँ (1) शासन (1) शिक्षक दिवस (1) शिक्षा (2) शिक्षाप्रद कहानी (1) शिवमहिमा (1) शिवरात्रि (4) शिवरात्रि मेला (1) शीशा-ए-दिल (2) शुभकामनाएँ (8) शृंगार (1) शेर (2) शोकगीत (1) श्रद्धांजलि (1) श्रद्धाञ्जलि (5) श्राद्ध (1) श्री गणेश वन्दना (1) संगदिल (1) संस्कार (1) संस्मरण (17) संस्मरण और एक अनुवाद (1) सत्याग्रह (1) सद्-भावना (1) सन्त-महन्त (1) सन्देश (1) सपने (2) सभ्यता (1) समाचार (1) समाचार कतरन (2) सम्बन्ध (1) सम्मान समारोह (1) सरकार (2) सरस्वती-वन्दना (4) सर्दियाँ (1) सर्दी (2) सवाल-ज़वाब (1) साँड-तबेला (1) साइकिल (1) साग-सब्जी (1) सागर-गागर (2) साझा ब्लॉग (1) साथी (1) सामान्य-ज्ञान (1) सावन (4) सावन-गीत (1) साहित्य (1) साहित्यकार (1) सियासत (2) सीधी-बात (1) सीपिकाएँ (1) सीमा (1) सुख का सूरज (1) सुख के बादल (1) सुनामी (1) सुराही (1) सूचना (1) सूरज-चन्दा-धरती (1) सौन्दर्य (1) स्नान (1) स्वतन्त्रता (2) स्वप्न (3) स्वागत-गीत (2) हँसी-खुशी (1) हनुमान जयन्ती (1) हमसफर (1) हमारी नैनो (1) हमारी स्पार्क (1) हवाईजहाज (1) हाइगा (3) हाथी (1) हास्य-गीत (2) हास्यगीत (1) हिन्दी (3) हिन्दी ग़ज़ल (1) हो नही सकता (1) होली (11) होली का त्यौहार (1) होली बाल-गीत (1) होली-गीत (7) होलीगीत (8) ‘कुँवर कान्त’ (1) ‘क्षणिका’ (1) ‘‘चम्पू छन्द’’ (1) ‘‘बाल-गीत’’ (1) ‘‘वन्दना’’ (4) ‘‘हाइकू’’ (1)

  © Blogger templates Romantico by Ourblogtemplates.com 2008

Back to TOP