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बहुत सुंदर !
जवाब देंहटाएंभाइयों की बात पहुँची सड़क तक
जवाब देंहटाएंढोलकी का सुर नगाड़ा हो गया
बहुत सुंदर रचना
Katu saty yahi hai chehara aaj ke daur ka...umda behad !!!
जवाब देंहटाएंभाइयों की बात पहुँची सड़क तक
जवाब देंहटाएंढोलकी का सुर नगाड़ा हो गया
अब नहीं है “रूप” अपनी सोच में
घर हमारा आज बाड़ा हो गया
..बहुत सटीक सामयिक चिंतनशील रचना ..
बहुत सुंदर
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