आज रफायल बन गया, सैन्य शक्ति का अंग।
भारत का दम देखकर, चीन-पाक हैं दंग।।
दर्शन करो रफेल का, ओ बैरी नादान।
दूर करेगा निमिष में, ये विमान अभिमान।।
जिसका लोहा मानता, पूरा ही संसार।
दूरदर्शिता का वही, कहलाता अवतार।।
भारत कमतर है नहीं, किसी क्षेत्र में आज।
सारे जग से अलग है, मोदी का अन्दाज।।
रक्षा हित में देश की, करता है जो काज।
वही हमेशा वतन का, कहलाता सरताज।।
सागर तल से शैल तक, जिसकी है परवाज।
ऐसे विज्ञ वजीर पर, भारत को है नाज।।
अपनी रक्षा में रहा, भारत सदा समर्थ।
पामर-कायर समझ ले, सैन्य शक्ति का अर्थ।।
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आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 30.7.2020 को चर्चा मंच पर दिया जाएगा। आपकी उपस्थिति मंच की शोभा बढ़ाएगी|
जवाब देंहटाएंधन्यवाद
दिलबागसिंह विर्क
जय हिन्द
जवाब देंहटाएंजय हिन्द, जय भारत!
जवाब देंहटाएंजय हिन्द
जवाब देंहटाएंbahut sundar jai hind
जवाब देंहटाएंवीर रस के सुंदर दोहे।
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