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पार लगे साहित्य की, बोलो कैसे नाव।
चोरों से कैसे करें, अपना यहाँ बचाव।।
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ढोंग-दिखावा दिवस हैं, पश्चिम के सब वार।
रोज बदलते है जहाँ, सबके ही दिलदार।।
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सबसे अच्छा विश्व में, अपना भारत देश।
नैसर्गिक अनुभाव के, सजे यहाँ परिवेश।।
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कामुकता-अश्लीलता, बढ़ती जग में आज।
इसके ही कारण हुआ, दूषित देश समाज।।
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एक दिवस की प्रतिज्ञा, एक दिवस का प्यार।
एक दिवस का चूमना, पश्चिम के किरदार।।
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प्रतिदिन करते क्यों नहीं, प्रेम-प्रीत-व्यवहार।
एक दिवस के लिए क्यों, चुम्बन का व्यापार।।
7 फरवरी
रोज-डे (गुलाबदिवस)
प्रथम दिवस है रोज-डे, बाँट रहा मुस्कान।
पी लेता है दर्द को, कभी न होता म्लान।।
8 फरवरी
प्रपोज-डे (प्रस्तावदिवस)
दूजा दिन प्रस्ताव का, होता प्यारे मित्र।
पश्चिमवालों की प्रथा, होती बहुत विचित्र।।
9 फरवरी
चॉकलेट-डे
मीठी सी सौगात दे, बढ़ो प्रणय की राह।
चॉकलेट देकर करो, मधुर मिलन की चाह।।
10 फरवरी
टैडी-डे
चौथा दिन टैडी-दिवस, खेलो मन के खेल।
साथी से कर लीजिए, अपने मन का मेल।।
11 फरवरी
प्रॉमिज-डे (प्रस्तावदिवस)
प्रण करने के वास्ते, पंचम दिन का योग।
सदा प्रतिज्ञा में बँधो, होगा नहीं वियोग।।
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प्रतिज्ञा के दिवस पर, मत देना सन्ताप।
चमक-दमक की भीड़ में, बिछड़ न जाना आप।।
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बेमन से देना नहीं, वचन किसी को मित्र।
जिसमें तुम रँग भर सको, वही बनाना चित्र।।
12 फरवरी
हग-डे (आलिंगनदिवस)
आलिंगन के दिवस में, करना मत उत्पात।
कामुकता को देखकर, बिगड़ जायेगी बात।।
13 फरवरी
किस-डे (चुम्बनदिवस)
चुम्बन का दिन आ गया, कर लो सच्चा प्यार।
बिना दाम के जो मिले, चुम्बन वो उपहार।।
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जीवन के संग्राम को, समझ न लेना खेल।
जीवनसाथी से सदा, रखना हरदम मेल।।
14 फरवरी
वैलेण्टाइन-डे (प्रेमदिवस)
प्रेम दिवस पर लीजिए, व्रत जीवन में धार।
पल-पल-हर पल कीजिए, सच्चा-सच्चा प्यार।।
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एक दिवस के वास्ते, उमड़ा भीषण प्यार।
प्रणय दिवस के बाद में, बढ़ जाता तक़रार।।
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पूरे जीवन प्यार का, उतरे नहीं खुमार।
जीवनसाथी से सदा, करना ऐसा प्यार।।
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सोच-समझकर थामना, अनजाने का हाथ।
जीवनसाथी से बँधा, जीवनभर का साथ।।
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दोहे, नसीहत वाले
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