करवाचौथ विशेष कर रही हूँ प्रभू से यही प्रार्थना। ज़िन्दगी भर सलामत रहो साजना।। उन्नति की सदा सीढ़ियाँ तुम चढ़ो, आपकी सहचरी की यही कामना। ज़िन्दगी भर सलामत रहो साजना।। आभा-शोभा तुम्हारी दमकती रहे, मेरे माथे पे बिन्दिया चमकती रहे, मुझपे रखना पिया प्यार की भावना। ज़िन्दगी भर सलामत रहो साजना।। तीर्थ और व्रत सभी हैं तुम्हारे लिए, चाँद-करवा का पूजन तुम्हारे लिए, मेरे प्रियतम तुम्ही मेरी आराधना। ज़िन्दगी भर सलामत रहो साजना।। |
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रविवार, 24 अक्टूबर 2021
गीत "मुझपे रखना पिया प्यार की भावना" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')
शनिवार, 23 अक्टूबर 2021
दोहे "करवाचौथ दिवस बहुत है खास" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')
अपने पतियों पर करें, सभी नारियाँ गर्व। करवाचौथ सुहाग का, होता पावन पर्व।। सजनी करवाचौथ पर, रखती है उपवास। साजन-सजनी के लिए, दिवस बहुत ये खास।। जन्म-जिन्दगीभर रहे, सबका अटल सुहाग। साजन-सजनी में सदा, बना रहे अनुराग।। जरा-जरा सी बात पर, कभी न हो तकरार। पति-पत्नी के बीच में, आये नहीं दरार।। प्रीति सदा बढ़ती रहे, आपस में हो प्यार। पावन करवाचौथ है, निष्ठा का त्यौहार।। वंश-बेल चलती रहे, हँसी-खुशी के साथ। पति-पत्नी का उम्रभर, रहे सलामत साथ।। परम्परा बदली बहुत, बदल न पाया ढंग। अब भी पर्वों का चलन, नहीं हुआ है भंग।। माता करती कामना, सुखी रहे परिवार। छिने न करवाचौथ का, बहुओं से अधिकार।। |
बुधवार, 4 नवंबर 2020
दोहे "पावन करवाचौथ है, निष्ठा का त्यौहार" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')
करती सभी सुहागिनें, निज पतियों पर गर्व। |
मंगलवार, 3 नवंबर 2020
करवाचौथ विशेष "मेरे प्रियतम तुम्ही मेरी आराधना" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')
करवाचौथ विशेष कर रही हूँ प्रभू से यही प्रार्थना। ज़िन्दगी भर सलामत रहो साजना।। उन्नति की सदा सीढ़ियाँ तुम चढ़ो, आपकी सहचरी की यही कामना। ज़िन्दगी भर सलामत रहो साजना।। आभा-शोभा तुम्हारी दमकती रहे, मेरे माथे पे बिन्दिया चमकती रहे, मुझपे रखना पिया प्यार की भावना। ज़िन्दगी भर सलामत रहो साजना।। तीर्थ और व्रत सभी हैं तुम्हारे लिए, चाँद-करवा का पूजन तुम्हारे लिए, मेरे प्रियतम तुम्ही मेरी आराधना। ज़िन्दगी भर सलामत रहो साजना।। |
गुरुवार, 17 अक्टूबर 2019
गीत "सलामत रहो साजना" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')
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कर रही हूँ प्रभू से यही प्रार्थना।
ज़िन्दगी भर सलामत रहो साजना।।
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चन्द्रमा की कला की तरह तुम बढ़ो,
उन्नति की सदा सीढ़ियाँ तुम चढ़ो,
आपकी सहचरी की यही कामना।
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ज़िन्दगी भर सलामत रहो साजना।।
आभा-शोभा तुम्हारी दमकती रहे,
मेरे माथे पे बिन्दिया चमकती रहे,
मुझपे रखना पिया प्यार की भावना।
ज़िन्दगी भर सलामत रहो साजना।।
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तीर्थ और व्रत सभी हैं तुम्हारे लिए,
चाँद-करवा का पूजन तुम्हारे लिए,
मेरे प्रियतम तुम्ही मेरी आराधना।
ज़िन्दगी भर सलामत रहो साजना।।
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शनिवार, 27 अक्टूबर 2018
गीत "मेरे माथे पे बिन्दिया चमकती रहे" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')
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कर रही हूँ प्रभू से यही प्रार्थना।
ज़िन्दगी भर सलामत रहो साजना।।
उन्नति की सदा सीढ़ियाँ तुम चढ़ो,
आपकी सहचरी की यही कामना।
ज़िन्दगी भर सलामत रहो साजना।।
आभा-शोभा तुम्हारी दमकती रहे,
मेरे माथे पे बिन्दिया चमकती रहे,
मुझपे रखना पिया प्यार की भावना।
ज़िन्दगी भर सलामत रहो साजना।।
तीर्थ और व्रत सभी हैं तुम्हारे लिए,
चाँद-करवा का पूजन तुम्हारे लिए,
मेरे प्रियतम तुम्ही मेरी आराधना।
ज़िन्दगी भर सलामत रहो साजना।।
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मंगलवार, 18 अक्टूबर 2016
गीत "आ भी आओ चन्द्रमा तारों भरे आकाश में" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')
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थक गईं नजरें तुम्हारे दर्शनों की आस में।
आ भी आओ चन्द्रमा तारों भरे आकाश में।।
चमकते लाखों सितारें किन्तु तुम जैसे कहाँ,
साँवरे के बिन कहाँ अटखेलियाँ और मस्तियाँ,
गोपियाँ तो लुट गईं है कृष्ण के विश्वास में।
आ भी आओ चन्द्रमा तारों भरे आकाश में।।
आ गया मौसम गुलाबी, महकता सारा चमन,
छेड़ती हैं साज लहरें, चहकता है मन-सुमन,
पुष्प, कलिकाएँ, लताएँ मग्न हैं परिहास में।
आ भी आओ चन्द्रमा तारों भरे आकाश में।।
आज करवाचौथ पर मन में हजारों चाह हैं,
सब सुहागिन तक रही केवल तुम्हारी राह हैं,
चाहती हैं सजनियाँ साजन बसे हों पास में।
आ भी आओ चन्द्रमा तारों भरे आकाश में।।
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सोमवार, 17 अक्टूबर 2016
गीत "ज़िन्दगी भर सलामत रहो साजना" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')
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कर रही हूँ प्रभू से यही प्रार्थना।
ज़िन्दगी भर सलामत रहो साजना।।
चन्द्रमा की कला की तरह तुम बढ़ो,
उन्नति की सदा सीढ़ियाँ तुम चढ़ो,
आपकी सहचरी की यही कामना।
ज़िन्दगी भर सलामत रहो साजना।।
आभा-शोभा तुम्हारी दमकती रहे,
मेरे माथे पे बिन्दिया चमकती रहे,
मुझपे रखना पिया प्यार की भावना।
ज़िन्दगी भर सलामत रहो साजना।।
तीर्थ और व्रत सभी हैं तुम्हारे लिए,
चाँद-करवा का पूजन तुम्हारे लिए,
मेरे प्रियतम तुम्ही मेरी आराधना।
ज़िन्दगी भर सलामत रहो साजना।।
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गुरुवार, 29 अक्टूबर 2015
"करवाचौथ विशेष" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')
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करवाचौथ विशेष
कर रही हूँ प्रभू से यही
प्रार्थना।
ज़िन्दगी भर सलामत रहो
साजना।।
उन्नति की सदा सीढ़ियाँ
तुम चढ़ो,
आपकी सहचरी की यही कामना।
ज़िन्दगी भर सलामत रहो
साजना।।
आभा-शोभा तुम्हारी दमकती
रहे,
मेरे माथे पे बिन्दिया
चमकती रहे,
मुझपे रखना पिया प्यार की
भावना।
ज़िन्दगी भर सलामत रहो
साजना।।
तीर्थ और व्रत सभी हैं
तुम्हारे लिए,
चाँद-करवा का पूजन
तुम्हारे लिए,
मेरे प्रियतम तुम्ही मेरी
आराधना।
ज़िन्दगी भर सलामत रहो
साजना।।
![]() |
शनिवार, 11 अक्टूबर 2014
"आ भी आओ चन्द्रमा..." ( डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')
![]()
थक गईं नजरें तुम्हारे दर्शनों की आस में।
आ भी आओ चन्द्रमा तारों भरे आकाश में।।
चमकते लाखों सितारें किन्तु तुम जैसे कहाँ,
साँवरे के बिन कहाँ अटखेलियाँ और मस्तियाँ,
गोपियाँ तो लुट गईं है कृष्ण के विश्वास में।
आ भी आओ चन्द्रमा तारों भरे आकाश में।।
आ गया मौसम गुलाबी, महकता सारा चमन,
छेड़ती हैं साज लहरें, चहकता है मन-सुमन,
पुष्प, कलिकाएँ, लताएँ मग्न हैं परिहास में।
आ भी आओ चन्द्रमा तारों भरे आकाश में।।
आज करवाचौथ पर मन में हजारों चाह हैं,
सब सुहागिन तक रही केवल तुम्हारी राह हैं,
चाहती हैं सजनियाँ साजन बसे हों पास में।
आ भी आओ चन्द्रमा तारों भरे आकाश में।।
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