"भैंस हमारी बहुत निराली" भैंस हमारी बहुत निराली। खाकर करती रोज जुगाली।। -- इसका बच्चा बहुत सलोना। प्यारा सा है एक खिलौना।। -- बाबा जी इसको टहलाते। गर्मी में इसको नहलाते।। -- गोबर रोज उठाती अम्मा। सानी इसे खिलाती अम्मा। -- -गोबर की हम खाद बनाते। खेतों में सोना उपजाते।। -- भूसा-खल और चोकर खाती। सुबह-शाम आवाज लगाती।। -- कहती दूध निकालो आकर। धन्य हुए हम इसको पाकर।। -- सीधी-सादी, भोली-भाली। लगती सुन्दर हमको काली।। |
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