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शनिवार, 5 मई 2018

"उपसर्ग और प्रत्यय" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)

मित्रों!
आइए प्रत्यय और उपसर्ग के बारे में कुछ जानें।
प्रत्यय= प्रति (साथ में पर बाद में)+ अय (चलनेवाला) शब्द का अर्थ है,पीछे चलना। जो शब्दांश शब्दों के अंत में विशेषता या परिवर्तन ला देते हैंवे प्रत्यय कहलाते हैं।
जैसे- दयालु= दया शब्द के अंत में आलु जुड़ने से अर्थ में विशेषता आ गई है। अतः यहाँ 'आलूशब्दांश प्रत्यय है।
प्रत्ययों का अपना अर्थ कुछ भी नहीं होता और न ही इनका प्रयोग स्वतंत्र रूप से किया जाता है। प्रत्यय के दो भेद हैं-
कृत् प्रत्यय
वे प्रत्यय जो धातु में जोड़े जाते हैंकृत प्रत्यय कहलाते हैं। कृत् प्रत्यय से बने शब्द कृदंत (कृत्+अंत) शब्द कहलाते हैं।
जैसे- लेख् + अक = लेखक। यहाँ अक कृत् प्रत्यय हैतथा लेखक कृदंत शब्द है।
कुछ और उदाहरण भी देखिए-
क्रम   प्रत्यय  मूल  शब्द\धातु     उदाहरण
1     अक   लेख्पाठ्कृगै      लेखकपाठककारकगायक
2     अन   पाल्सह्नेचर्     पालनसहननयनचरण
3     अना   घट्तुल्वंद्विद्    घटनातुलनावन्दनावेदना
4     अनीय मान्रम्दृश्पूज्श्रु माननीयरमणीयदर्शनीयपूजनीयश्रवणीय
5     आ    सूखभूलजागपूजइष्भिक्ष् सूखाभूलाजागापूजाइच्छाभिक्षा
6     आई   लड़सिलपढ़चढ़    लड़ाईसिलाईपढ़ाईचढ़ाई
7     आन   उड़मिलदौड़ उड़ानमिलानदौड़ान
8     इ     हरगिरदशरथमाला हरिगिरिदाशरथिमाली
9     इया   छलजड़बढ़घट    छलियाजड़ियाबढ़ियाघटिया
10    इत    पठव्यथाफलपुष्प  पठितव्यथितफलितपुष्पित
11    इत्र    चर्पोखन्   चरित्रपवित्रखनित्र
12    इयल  अड़मरसड़  अड़ियलमरियलसड़ियल
13    ई     हँसबोलत्यज्रेत   हँसीबोलीत्यागीरेती
14    उक   इच्छ्भिक्ष्   इच्छुकभिक्षुक
15    तव्य  कृवच् कर्तव्यवक्तव्य
16    ता    आजाबहमरगा   आताजाताबहतामरतागाता
17    ति    अप्रीशक्भज     अतिप्रीतिशक्तिभक्ति
18    ते     जाखा जातेखाते
19    त्र     अन्यसर्वअस्      अन्यत्रसर्वत्रअस्त्र
20    न     क्रंदवंदमंदखिद्बेलले    क्रंदनवंदनमंदनखिन्नबेलनलेन
21    ना    पढ़लिखबेलगा    पढ़नालिखनाबेलनागाना
22    म     दाधा  दामधाम
23 ,      य     गद्पद्कृपंडितपश्चात्दंत्ओष्ठ् गद्यपद्यकृत्यपाण्डित्यपाश्चात्यदंत्यओष्ठ्य
24    या    मृगविद्     मृगयाविद्या
25    रू     गे     गेरू
26    वाला  देनाआनापढ़ना     देनेवालाआनेवालापढ़नेवाला
27    ऐया\वैया     रखबचडाँट\गाखा   रखैयाबचैयाडटैयागवैयाखवैया
28    हार   होनारखनाखेवना   होनहाररखनहारखेवनहार
तद्धित प्रत्यय
वे प्रत्यय जो धातु को छोड़कर अन्य शब्दों- संज्ञासर्वनाम व विशेषण में जुड़ते हैंतद्धित प्रत्यय कहलाते हैं। तद्धित प्रत्यय से बने शब्द तद्धितांत शब्द कहलाते हैं।
जैसे- सेठ + आनी = सेठानी। यहाँ आनी तद्धित प्रत्यय हैं तथा सेठानी तद्धितांत शब्द है।
कुछ और उदाहरण भी देखिए-
क्रम   प्रत्यय   शब्द                         उदाहरण
1     आइ   पछतानाजगना      पछताइजगाइ
2     आइन पण्डितठाकुर पण्डिताइनठकुराइन
3     आई   पण्डितठाकुरलड़चतुरचौड़ा पण्डिताईठकुराईलड़ाईचतुराईचौड़ाई
4     आनी  सेठनौकरमथ      सेठानीनौकरानीमथानी
5     आयत बहुतपंचअपना     बहुतायतपंचायतअपनायत
6     आर/आरा     लोहासोनादूधगाँव  लोहारसुनारदूधारगँवार
7     आहट  चिकनाघबराचिल्लकड़वा  चिकनाहटघबराहटचिल्लाहटकड़वाहट
8     इल   फेनकूटतन्द्रजटापंकस्वप्नधूम फेनिलकुटिलतन्द्रिलजटिलपंकिलस्वप्निलधूमिल
9     इष्ठ   कन्वर्गुरुबल     कनिष्ठवरिष्ठगरिष्ठबलिष्ठ
10    ई     सुन्दरबोलपक्षखेतढोलकतेलदेहात     सुन्दरीबोलीपक्षीखेतीढोलकीतेलीदेहाती
11    ईन    ग्रामकुल     ग्रामीणकुलीन
12    ईय    भवत्भारतपाणिनीराष्ट्र   भवदीयभारतीयपाणिनीयराष्ट्रीय
13    ए     बच्चालेखालड़का   बच्चेलेखेलड़के
14    एय   अतिथिअत्रिकुंतीपुरुषराधा आतिथेयआत्रेयकौंतेयपौरुषेयराधेय
15    एल   फुलनाक    फुलेलनकेल
16    ऐत   डाकालाठी    डकैतलठैत
17    एरा/ऐरा      अंधसाँपबहुतमामाकाँसालुट    अँधेरासँपेराबहुतेराममेराकसेरालुटेरा
18    ओला  खाटपाटसाँप खटोलापटोलासँपोला
19    औती  बापठाकुरमान     बपौतीठकरौतीमनौती
20    औटा  बिल्लाकाजर बिलौटाकजरौटा
21    क    धमचमबैठबालदर्शढोल  धमकचमकबैठकबालकदर्शकढोलक
22    कर   विशेषख़ास   विशेषकरख़ासकर
23    का    खटझट      खटकाझटका
24    जा    भ्रातादो      भतीजादूजा
25    ड़ाड़ी  चामबाछापंखटाँग  चमड़ाबछड़ापंखड़ीटँगड़ी
26    त     रंगसंगखप  रंगतसंगतखपत
27    तन   अद्य  अद्यतन
28    तर    गुरुश्रेष्ठ     गुरुतरश्रेष्ठतर
29    तः    अंशस्व      अंशतःस्वतः
30    ती    कमबढ़चढ़  कमतीबढ़तीचढ़ती
उपसर्ग
आइए अब उपसर्गों के बारे में भी कुछ जान लीजिए।
उपसर्ग = उप (समीप) + सर्ग (सृष्टि करना) का अर्थ है- किसी शब्द के समीप आ कर नया शब्द बनाना। जो शब्दांश शब्दों के आदि में जुड़ कर उनके अर्थ में कुछ विशेषता लाते हैंवे उपसर्ग कहलाते हैं। 
'हारशब्द का अर्थ है पराजय। परंतु इसी शब्द के आगे 'प्रशब्दांश को जोड़ने से नया शब्द बनेगा - 'प्रहार' (प्र + हार) जिसका अर्थ है चोट करना। इसी तरह ''जोड़ने से आहार (भोजन), 'सम्जोड़ने से संहार (विनाश) तथा 'विजोड़ने से'विहार' (घूमना) इत्यादि शब्द बन जाएँगे। उपर्युक्त उदाहरण में 'प्र', '', 'सम्'और 'विका अलग से कोई अर्थ नहीं है, 'हारशब्द के आदि में जुड़ने से उसके अर्थ में इन्होंने परिवर्तन कर दिया है। इसका मतलब हुआ कि ये सभी शब्दांश हैं और ऐसे शब्दांशों को उपसर्ग कहते हैं। हिन्दी में प्रचलित उपसर्गों को निम्नलिखित भागों में विभाजित किया जा सकता है।
संस्कृत के उपसर्ग,
हिन्दी के उपसर्ग,
उर्दू और फ़ारसी के उपसर्ग,
अंग्रेज़ी के उपसर्ग,
उपसर्ग के समान प्रयुक्त होने वाले संस्कृत के अव्यय।
संस्कृत के उपसर्ग
क्रम   उपसर्ग अर्थ             शब्द
1     अति  अधिक अत्यधिकअत्यंतअतिरिक्तअतिशय
2     अधि  ऊपरश्रेष्ठ    अधिकारअधिपतिअधिनायक
3     अनु   पीछेसमान   अनुचरअनुकरणअनुसारअनुशासन
4     अप   बुराहीन     अपयशअपमानअपकार
5     अभि  सामनेचारों ओरपास अभियानअभिषेकअभिनयअभिमुख
6     अव   हीननीच     अवगुणअवनतिअवतारअवनति
7     आ    तकसमेत    आजीवनआगमन
8     उत्    ऊँचाश्रेष्ठऊपर     उद्गमउत्कर्षउत्तमउत्पत्ति
9     उप    निकटसदृशगौण    उपदेशउपवनउपमंत्रीउपहार
10    दुर्    बुराकठिन   दुर्जनदुर्गमदुर्दशादुराचार
11    दुस्   बुराकठिन   दुश्चरित्रदुस्साहसदुष्कर
12    निर्   बिनाबाहरनिषेध    निरपराधनिर्जननिराकारनिर्गुण
13    निस्   रहितपूराविपरित   निस्सारनिस्तारनिश्चलनिश्चित
14    नि    निषेधअधिकतानीचे निवारणनिपातनियोगनिषेध
15    परा   उल्टापीछे    पराजयपराभवपरामर्शपराक्रम
16    परि   आसपासचारों तरफ  परिजनपरिक्रमपरिपूर्णपरिणाम
17    प्र     अधिकआगे  प्रख्यातप्रबलप्रस्थानप्रकृति
18    प्रति   उलटासामनेहर एक प्रतिकूलप्रत्यक्षप्रतिक्षणप्रत्येक
19    वि    भिन्नविशेष  विदेशविलापवियोगविपक्ष
20    सम्   उत्तमसाथपूर्ण     संस्कारसंगमसंतुष्टसंभव
21    सु     अच्छाअधिक सुजनसुगमसुशिक्षितसुपात्र

हिन्दी के उपसर्ग
क्रम   उपसर्ग अर्थ          शब्द
1     अ    अभावनिषेध  अछूताअथाहअटल
2     अन   अभावनिषेध  अनमोलअनबनअनपढ़
3     कु    बुरा   कुचालकुचैलाकुचक्र
4     दु     कमबुरा     दुबलादुलारादुधारू
5     नि    कमी  निगोड़ानिडरनिहत्थानिकम्मा
6     औ    हीननिषेध   औगुनऔघरऔसरऔसान
7     भर    पूरा   भरपेटभरपूरभरसकभरमार
8     सु     अच्छा सुडौलसुजानसुघड़सुफल
9     अध   आधा  अधपकाअधकच्चाअधमराअधकचरा
10    उन    एक कम     उनतीसउनसठउनहत्तरउंतालीस
11    पर    दूसराबाद का परलोकपरोपकारपरसर्गपरहित
12    बिन   बिनानिषेध   बिनब्याहाबिनबादलबिनपाएबिनजाने
अरबी-फ़ारसी के उपसर्ग
क्रम   उपसर्ग अर्थ           शब्द
1     कम   थोड़ाहीन     कमज़ोरकमबख़्तकमअक्ल
2     खुश   अच्छा खुशनसीबखुशखबरीखुशहालखुशबू
3     गैर    निषेध गैरहाज़िरगैरक़ानूनीगैरमुल्कगैर-ज़िम्मेदार
4     ना    अभाव नापसंदनासमझनाराज़नालायक
5     ब     औरअनुसार  बनामबदौलतबदस्तूरबगैर
6     बा    सहित बाकायदाबाइज्ज़तबाअदबबामौका
7     बद    बुरा   बदमाशबदनामबदक़िस्मत,बदबू
8     बे     बिना  बेईमानबेइज्ज़तबेचाराबेवकूफ़
9     ला    रहित  लापरवाहलाचारलावारिसलाजवाब
10    सर    मुख्य  सरताजसरदारसरपंचसरकार
11    हम   समानसाथवाला     हमदर्दीहमराहहमउम्रहमदम
12    हर    प्रत्येक हरदिनहरसालहरएकहरबार
अंग्रेज़ी के उपसर्ग
क्रम   उपसर्ग अर्थ          शब्द
1     सब   अधीननीचे   सब-जज सब-कमेटीसब-इंस्पेक्टर
2     डिप्टी  सहायक      डिप्टी-कलेक्टरडिप्टी-रजिस्ट्रारडिप्टी-मिनिस्टर
3     वाइस  सहायक      वाइसरायवाइस-चांसलरवाइस-प्रेसीडेंट
4     जनरल प्रधान  जनरल मैनेजरजनरल सेक्रेटरी
5     चीफ़   प्रमुख  चीफ़-मिनिस्टरचीफ़-इंजीनियरचीफ़-सेक्रेटरी
6     हेड    मुख्य  हेडमास्टरहेड क्लर्क
उपसर्ग के समान प्रयुक्त होने वाले संस्कृत के अव्यय
क्रम   उपसर्ग अर्थ           शब्द
1     अधः  नीचे   अधःपतनअधोगतिअधोमुखीअधोलिखित
2     अंतः  भीतरी अंतःकरणअंतःपुरअंतर्मनअंतर्देशीय
3     अ    अभाव अशोक ,अकालअनीति
4     चिर   बहुत देर     चिरंजीवीचिरकुमारचिरकालचिरायु
5     पुनर्  फिर   पुनर्जन्मपुनर्लेखनपुनर्जीवन
6     बहिर्  बाहर  बहिर्गमनबहिष्कार
7     सत्   सच्चा  सज्जनसत्कर्मसदाचारसत्कार्य
8     पुरा   पुरातन पुरातत्त्वपुरावृत्त
9     सम   समान समकालीनसमदर्शीसमकोणसमकालिक
10    सह   साथ   सहकारसहपाठीसहयोगीसहचर
(भारत कोश से साभार)

5 टिप्‍पणियां:

  1. ज्ञानवर्धक
    लगभग हरेक कॉम्पीटिशन एग्जाम में पूछे जाने वाला टॉपिक है ये.


    आभार

    उत्तर देंहटाएं
  2. हिंदी की शिक्षिका होने के नाते मेरे लिए आपका ये लेख बहुत ज्यादा उपयोगी है। सादर धन्यवाद एवं प्रणाम।

    उत्तर देंहटाएं

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