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गुरुवार, 7 दिसंबर 2017

"मा.मुख्यमन्त्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा मेरी दो पुस्तकों का विमोचन"

उत्तराखण्ड के मा.मुख्यमन्त्री
श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने
मेरी दो पुस्तकों
ग़ज़लियात-ए-रूप 
 तथा 
स्मृति उपवन
का विमोचन किया।
      (6 दिसम्बर, 2017) सौ बिस्तरों वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, खटीमा के लोकार्पण के अवसर  पर पधारे उत्तराखण्ड के माननीय मुख्यमन्त्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने खटीमा के कवि डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक की दो पुस्तकों ग़ज़लियात-ए-रूप तथा स्मृति उपवन भी विमोचन किया। 
     इस अवसर पर नैनीताल-ऊधमसिंहनगर के सांसद मा.भगत सिंह कोश्यारी, खटीमा के विधायक मा. पुष्कर सिंह धामी, नानकमत्ता के विधायक मा. डॉ. प्रेम सिंह राणा,  उत्तराखण्ड राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष मा. दानसिंह रावत, जिलापंचायत ऊधमसिंहनगर के अध्यक्ष मा. ईश्वरी प्रसाद गंगवार, खटीमा फाइबर्स के सी.एम.डी. डॉ. राकेश चन्द्र रस्तोगी तथा भा.ज.पा. के समस्त पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। 
       विदित हो कि खटीमा के कवि रूपचन्द्र शास्त्री की अब तक आठ पुस्तकें सुख का सूरज, नन्हे सुमन, धरा के रंग, हँसता गाता बचपन, कदम-कदम पर घास, खिली रूप की धूप, स्मृति सुमन और गजलियात-ए-रूप प्रकाशित हो चुकीं हैं और गत वर्ष इनको दिल्ली में दोहों में कबीर सम्मान से भी अलंकृत किया जा चुका है। माननीय मुख्यमन्त्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने डॉ. शास्त्री को देहरादून आने का आग्रह किया और इनके लेखन की भूरि-भूरि सराहना की।
इस अवसर पर खींचे गये 
कुछ चित्रों की झलक देखिए-








 

5 टिप्‍पणियां:

  1. “ग़ज़लियात-ए-रूप” तथा “स्मृति उपवन” के विमोचन पर बहुत-बहुत हार्दिक बधाई व शुभकामनायें आदरणीय शास्त्री जी को
    सादर

    उत्तर देंहटाएं
  2. हार्दिक बधाई शास्त्री जी

    उत्तर देंहटाएं

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