"उच्चारण" 1996 से समाचारपत्र पंजीयक, भारत सरकार नई-दिल्ली द्वारा पंजीकृत है। यहाँ प्रकाशित किसी भी सामग्री को ब्लॉग स्वामी की अनुमति के बिना किसी भी रूप में प्रयोग करना© कॉपीराइट एक्ट का उलंघन माना जायेगा।

मित्रों!

आपको जानकर हर्ष होगा कि आप सभी काव्यमनीषियों के लिए छन्दविधा को सीखने और सिखाने के लिए हमने सृजन मंच ऑनलाइन का एक छोटा सा प्रयास किया है।

कृपया इस मंच में योगदान करने के लिएRoopchandrashastri@gmail.com पर मेल भेज कर कृतार्थ करें। रूप में आमन्त्रित कर दिया जायेगा। सादर...!

और हाँ..एक खुशखबरी और है...आप सबके लिए “आपका ब्लॉग” तैयार है। यहाँ आप अपनी किसी भी विधा की कृति (जैसे- अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कर सकते हैं।

बस आपको मुझे मेरे ई-मेल roopchandrashastri@gmail.com पर एक मेल करना होगा। मैं आपको “आपका ब्लॉग” पर लेखक के रूप में आमन्त्रित कर दूँगा। आप मेल स्वीकार कीजिए और अपनी अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कीजिए।

यह ब्लॉग खोजें

समर्थक

शुक्रवार, 15 मार्च 2019

अकविता "विकास के पूत" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

जमाना
डिजीटल हो गया है
दिखाई भी देता है
आज पैरों वाली
रिक्शा की जगह
ई-रिक्शा आ गयी हैं
...
नगरपालिका में
हाथ से खींचने वाली
कूड़ाठेली की जगह
स्वचालित कचरा लिफ्टर
ने ले ली है
...
लेकिन
बैल तो
बैल ही रहा
इसकी किस्मत
आज भी नहीं सँवरी
गाड़ी को
जीवन भर
खींचता रहा
... 
भले ही आया हो
आधुनिक युग
लेकिन आज भी
इसकी गर्दन पर
जुआ ही धरा है
... 
कुछ ऐसा ही हाल
ऊँट का भी है
वह आज भी
कोल्हू का ऊँट ही है
... 
रेगिस्तान हों या मैदान हों
भारवाहक ही तो है
ऊँट जो ठहरा
लोग अब भी उसकी
सवारी गाँठते हैं
...
हाँ
पिछले कुछ दशकों में
उल्लू और गधों की
किस्मत जरूर निखरी है
... 
आज
ऊँची अंजुमन में
इन प्राणियों की
माँग बहुत बढ़ गयी है
और 
इनकी पाचनशक्ति
भी गजब की हो गयी है
चारे के साथ-साथ
न जाने
क्या-क्या पचा जाते हैं
... 
ये ही तो हैं
पढ़े-लिखों के आका
रिश्वत के दूत
विकास के पूत...

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथासम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails