"उच्चारण" 1996 से समाचारपत्र पंजीयक, भारत सरकार नई-दिल्ली द्वारा पंजीकृत है। यहाँ प्रकाशित किसी भी सामग्री को ब्लॉग स्वामी की अनुमति के बिना किसी भी रूप में प्रयोग करना© कॉपीराइट एक्ट का उलंघन माना जायेगा।

मित्रों!

आपको जानकर हर्ष होगा कि आप सभी काव्यमनीषियों के लिए छन्दविधा को सीखने और सिखाने के लिए हमने सृजन मंच ऑनलाइन का एक छोटा सा प्रयास किया है।

कृपया इस मंच में योगदान करने के लिएRoopchandrashastri@gmail.com पर मेल भेज कर कृतार्थ करें। रूप में आमन्त्रित कर दिया जायेगा। सादर...!

और हाँ..एक खुशखबरी और है...आप सबके लिए “आपका ब्लॉग” तैयार है। यहाँ आप अपनी किसी भी विधा की कृति (जैसे- अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कर सकते हैं।

बस आपको मुझे मेरे ई-मेल roopchandrashastri@gmail.com पर एक मेल करना होगा। मैं आपको “आपका ब्लॉग” पर लेखक के रूप में आमन्त्रित कर दूँगा। आप मेल स्वीकार कीजिए और अपनी अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कीजिए।

यह ब्लॉग खोजें

समर्थक

रविवार, 26 अप्रैल 2015

गीत "कौन सुनेगा सरगम के सुर" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

मीठे सुर में गाकर कोयल, क्यों तुम समय गँवाती हो?
कौन सुनेगा सरगम के सुर, किसको गीत सुनाती हो?

बाज और बगुलों ने सारे, घेर लिए हैं बाग अभी,
खारे सागर के पानी में, नहीं गलेगी दाल कभी,
पेड़ों की झुरमुट में बैठी, किसकी आस लगाती हो?
कौन सुनेगा सरगम के सुर, किसको गीत सुनाती हो?

चील जहाँ पर आस-पास ही, पूरे दिन मंडराती हैं,
नोच-नोच कर मरे मांस को, दिनभर खाती जाती हैं,
जो स्वछन्द हो चुके, उन्हें क्यों लोकतन्त्र सिखलाती हो?
कौन सुनेगा सरगम के सुर, किसको गीत सुनाती हो?

जो जग को भा जाये, वही भाषा सच्ची कहलाती है,
सीधी-सच्ची भाषा ही तो, सबका मन बहलाती है,
अपनी मीठी वाणी से तुम, सबका दिल बहलाती हो।
कौन सुनेगा सरगम के सुर, किसको गीत सुनाती हो?

तन हो भले तुम्हारा काला, सुर तो बहुत सुरीला है,
देखा जिनका “रूप” सलोना, उनका मन जहरीला है,
गूँगे-बहरों   की महफिल में, क्यों इतना चिल्लाती हो?
कौन सुनेगा सरगम के सुर, किसको गीत सुनाती हो?

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथासम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails