"उच्चारण" 1996 से समाचारपत्र पंजीयक, भारत सरकार नई-दिल्ली द्वारा पंजीकृत है। यहाँ प्रकाशित किसी भी सामग्री को ब्लॉग स्वामी की अनुमति के बिना किसी भी रूप में प्रयोग करना© कॉपीराइट एक्ट का उलंघन माना जायेगा।

मित्रों!

आपको जानकर हर्ष होगा कि आप सभी काव्यमनीषियों के लिए छन्दविधा को सीखने और सिखाने के लिए हमने सृजन मंच ऑनलाइन का एक छोटा सा प्रयास किया है।

कृपया इस मंच में योगदान करने के लिएRoopchandrashastri@gmail.com पर मेल भेज कर कृतार्थ करें। रूप में आमन्त्रित कर दिया जायेगा। सादर...!

और हाँ..एक खुशखबरी और है...आप सबके लिए “आपका ब्लॉग” तैयार है। यहाँ आप अपनी किसी भी विधा की कृति (जैसे- अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कर सकते हैं।

बस आपको मुझे मेरे ई-मेल roopchandrashastri@gmail.com पर एक मेल करना होगा। मैं आपको “आपका ब्लॉग” पर लेखक के रूप में आमन्त्रित कर दूँगा। आप मेल स्वीकार कीजिए और अपनी अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कीजिए।

यह ब्लॉग खोजें

लोड हो रहा है. . .

समर्थक

गुरुवार, 30 जून 2016

कविता "आदमी का चमत्कार" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

आदमी के प्यार को, रोता रहा है आदमी। 
आदमी के भार को, ढोता रहा है आदमी।।

आदमी का विश्व में, बाजार गन्दा हो रहा। 
आदमी का आदमी के साथ, धन्धा हो रहा।। 

आदमी ही आदमी का, भूलता इतिहास है। 
आदमी को आदमीयत का नही आभास है।। 

आदमी पिटवा रहा है, आदमी लुटवा रहा। 
आदमी को आदमी ही, आज है लुटवा रहा।। 

आदमी बरसा रहा, बारूद की हैं गोलियाँ। 
बोलता है आदमी, शैतानियत की बोलियाँ।। 

आदमी ही आदमी का, को आज है खाने लगा। 
आदमी कितना घिनौना, कार्य अपनाने लगा।। 

आदमी था शेर भी और आदमी बिल्ली बना। 
आदमी अजमेर था और आदमी दिल्ली बना।। 

आदमी था ठोस, किन्तु बर्फ की सिल्ली बना। 
आदमी के सामने ही, आदमी खिल्ली बना।। 

आदमी ही चोर है और आदमी मुँह-जोर है । 
आदमी पर आदमी का, हाय! कितना जोर है।। 

आदमी आबाद था, अब आदमी बरबाद है। 
आदमी के देश में, अब आदमी नाशाद है।। 

आदमी की भीड़ में, खोया हुआ है आदमी। 
आदमी की नीड़ में, सोया हुआ है आदमी।। 

आदमी घायल हुआ है, आदमी की मार से। 
आदमी का अब जनाजा, जा रहा संसार से।।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथासम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

टिप्पणियाँ ब्लॉगस्वामी के अनुमोदन पर ही प्रकाशित की जी सकेंगी।

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails