"उच्चारण" 1996 से समाचारपत्र पंजीयक, भारत सरकार नई-दिल्ली द्वारा पंजीकृत है। यहाँ प्रकाशित किसी भी सामग्री को ब्लॉग स्वामी की अनुमति के बिना किसी भी रूप में प्रयोग करना© कॉपीराइट एक्ट का उलंघन माना जायेगा।

मित्रों!

आपको जानकर हर्ष होगा कि आप सभी काव्यमनीषियों के लिए छन्दविधा को सीखने और सिखाने के लिए हमने सृजन मंच ऑनलाइन का एक छोटा सा प्रयास किया है।

कृपया इस मंच में योगदान करने के लिएRoopchandrashastri@gmail.com पर मेल भेज कर कृतार्थ करें। रूप में आमन्त्रित कर दिया जायेगा। सादर...!

और हाँ..एक खुशखबरी और है...आप सबके लिए “आपका ब्लॉग” तैयार है। यहाँ आप अपनी किसी भी विधा की कृति (जैसे- अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कर सकते हैं।

बस आपको मुझे मेरे ई-मेल roopchandrashastri@gmail.com पर एक मेल करना होगा। मैं आपको “आपका ब्लॉग” पर लेखक के रूप में आमन्त्रित कर दूँगा। आप मेल स्वीकार कीजिए और अपनी अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कीजिए।

यह ब्लॉग खोजें

समर्थक

गुरुवार, 15 मार्च 2018

आलेख "खटीमा का छोटी लाइन से बड़ी लाइन तक का ऐतिहासिक सफर" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')





प्रधानमन्त्री के स्वच्छता के नारे को

धता बताता हुआ,
--
तीन फीट की गहराई में बना 
पुराने खटीमा स्टेशन का शौचालय
जिसमें शौच जाना तो दूर,
इसके पास खड़े होना भी दूभर है।
क्योंक यहाँ गन्दगी का अम्बार लगा है।


       बरेली-पीलीभीत-टनकपुर रेल रूट पर खटीमा नाम का एक प्रमुख स्टेशन है। ब्रिटिश शासन काल में रुहेलखंड और कुमायूं क्षेत्र में छोटी रेल लाइन (मीटर गेज) का जाल बिछाया गया था। ये लाइनें वर्ष 1884 से 1912  तक बिछाई गई थीं। बरेली से भोजीपुरा तक की रेल लाइन अक्टूबर 1984  में शुरू की गई थी। भोजीपुरा से पीलीभीत तक की रेल लाइन नवंबर 1984 में शुरू हुई। पीलीभीत से टनकपुर तक रेल लाइन वर्ष 1912 में शुरू हुई थी तब से 15 जून, 2016 तक इस रूट पर छोटी लाइन की ट्रेनों का संचालन हो रहा था। लेकिन इस रूट को रेलवे ने 16 जून, 2016 को आमान परिवर्तन के लिए बंद कर दिया था। 

बुधवार 15 जून, 2016 को इस रूट पर अंतिम दिन ट्रेनों का संचालन हुआ। इस रूट पर पीलीभीत स्टेशन से अंतिम ट्रेन शाम 5.50 बजे छूटी और टनकपुर से अंतिम ट्रेन पीलीभीत रात नौ बजे पहुंची थी। 104 साल बाद आज जब आखिरी बार मीटर गेज की ट्रेन ट्रैक से गुजरी तो उसकी कर्कश आवाज में कभी न लौटने का दर्द साफ झलक रहा था। अंग्रेजों के जमाने में बिछाई गई छोटी रेल लाइन आखिरकार 104 साल बाद रिटायर हो गई।
बुधवार से 15 जून, 2016 की शाम इस रेलवे ट्रैक से पीलीभीत के लिए आखिरी गाड़ी रवाना हुई। इसे विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि रेलवे स्टेशन पहुंचे हुए थे। विदित हो कि मई 1912 को इस रेलवे ट्रैक पर रेल सेवा शुरू हुई थी। मौजूदा समय में इस छोटी रेलवे लाइन पर 12 ट्रेनें दौड़ती थीं। जो यात्रियों को पीलीभीत, बरेली, शाहजहांपुर, हरदोई, कासगंज लखनऊ आदि तक ले जाती थी। इन ट्रेनों में प्रतिदिन 50 हजार यात्री आवागमन करते थे। दुर्घटना रहित इस रेलवे ट्रैक पर ब्रॉडगेज के कारण संचालन ठप किया गया था।
समय की माँग के अनुसार बड़ी रेल लाइन का निर्माण होने की वजह से छोटी लाइन का वजूद मिटाया आवश्यक हो जाने के कारण महाप्रबंधक रेलवे राजीव मिश्र ने बड़ी रेल लाइन का कार्य एक साल में पूरा होने की संभावना के साथ आमान परिवर्तन का कार्य प्रारम्भ करा दिया। लेकिन इस कार्य में लगभग पौने दो साल गये तब कहीं जाकर ब्रॉडगेज की रेलगाडियों का संचालन 21 फरवरी से प्रारम्भ होना सुनिश्चित हो पाया। जिसका उद्घाटन केन्द्रीय कपड़ा राज्य मन्त्री मा. अजय टम्टा ने हरीझण्डी दिखाकर किया।
रेलवे ने आनन-फानन में पीलीभीत से टनकपुर तक ट्रेनें चलने का टाइम टेबल जारी कर दिया। बरेली वालों को टनकपुर के लिए लिंक करती हुई केवल एक ट्रेन मिलेगी। सुबह और शाम के वक्त बरेली से टनकपुर जाने वाले यात्रियों को फिलहाल कोई राहत नहीं मिलेगी। रेलवे ने टाइम टेबल के बदलाव से भी इंकार किया है।
     आमान परिवर्तन के बाद टनकपुर स्टेशन से पीलीभीत के लिए इस रूट पर चार जोड़ी ट्रेनें पीलीभीत से टनकपुर के बीच दौड़ेंगी। नए टाइम टेबल में बरेली वालों को केवल एक ही ट्रेन का पीलीभीत से टनकपुर के लिए लिंक मिलेगा। इसके लिए भी यात्रियों को पीलीभीत स्टेशन पर डेढ़ घंटे इंतजार करना पड़ेगा, तब वे टनकपुर पहुंचेंगे। आमतौर पर बरेली सिटी से पीलीभीत जाने में एक घंटा लगता है। बरेली सिटी स्टेशन से सुबह 11:05 बजे वाली ट्रेन से यात्री टनकपुर पहुंच सकते हैं, वह भी एक घंटा पीलीभीत में रुकने के बाद। इसके अलावा सिटी स्टेशन से कोई भी ट्रेन ऐसी नहीं है जो पीलीभीत में टनकपुर जाने वाली ट्रेन से लिंक करा सके। यही स्थिति लौटने पर भी रहेगी।


बरेली सिटी से पीलीभीत

प्रस्थान       आगमन

10.10            11.10
11.05            12.05 
14.45    
        15.45
17.25  
         18.25
20.55    
        21.55  

पीलीभीत से टनकपुर
प्रस्थान      आगमन
7:25           9:05
10:10  
      11:55
13:55  
     15:35
17:15  
     18:55


       अभी ट्रेनें पीलीभीत और टनकपुर के बीच चलाई गई हैं। यात्रियों के सुझाव के बाद समय में परिवर्तन किया जा सकेगा। फिलहाल अभी टाइम नहीं बदला जाएगा।
(राजेंद्र सिंह, पीआरओ, इज्जतनगर डिवीजन)

नीचे हैं खटीमा के नवनिर्मित 
बड़ी लाइन के स्टेशन की चित्रावली।












3 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन आकाश को छूती पहली भारतीय महिला को नमन : ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है.... आपके सादर संज्ञान की प्रतीक्षा रहेगी..... आभार...

    उत्तर देंहटाएं
  2. सरकारी काम धीरे-धीरे और सुधार होते होते चलता रहता है

    उत्तर देंहटाएं
  3. स्थितियां ठीक होने में समय थोड़ा ज़्यादा ही लग जाता है. सुन्दर विवरण और चित्र.

    उत्तर देंहटाएं

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथासम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails