"उच्चारण" 1996 से समाचारपत्र पंजीयक, भारत सरकार नई-दिल्ली द्वारा पंजीकृत है। यहाँ प्रकाशित किसी भी सामग्री को ब्लॉग स्वामी की अनुमति के बिना किसी भी रूप में प्रयोग करना© कॉपीराइट एक्ट का उलंघन माना जायेगा।

मित्रों!

आपको जानकर हर्ष होगा कि आप सभी काव्यमनीषियों के लिए छन्दविधा को सीखने और सिखाने के लिए हमने सृजन मंच ऑनलाइन का एक छोटा सा प्रयास किया है।

कृपया इस मंच में योगदान करने के लिएRoopchandrashastri@gmail.com पर मेल भेज कर कृतार्थ करें। रूप में आमन्त्रित कर दिया जायेगा। सादर...!

और हाँ..एक खुशखबरी और है...आप सबके लिए “आपका ब्लॉग” तैयार है। यहाँ आप अपनी किसी भी विधा की कृति (जैसे- अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कर सकते हैं।

बस आपको मुझे मेरे ई-मेल roopchandrashastri@gmail.com पर एक मेल करना होगा। मैं आपको “आपका ब्लॉग” पर लेखक के रूप में आमन्त्रित कर दूँगा। आप मेल स्वीकार कीजिए और अपनी अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कीजिए।

रविवार, 2 जून 2019

ग़ज़ल "वहाँ दो जून की रोटी" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)

हमारे देश में मजदूर की, किस्मत हुई खोटी
मयस्सर है नहीं ढंग से, उन्हें दो जून की रोटी

दलाली में लगे हैं आज, अपने देश के सेवक
बगावत भी करे कैसे, वहाँ दो जून की रोटी

करे क्या झोंपड़ी फरियाद, महलों की मिनारों से
हमेशा ही रही कंगाल, है दो जून की रोटी

जो ढोते ईंट भट्टे पर, निवाला हाथ में रखकर
नहीं थाली में खाते हैं, कभी दो जून की रोटी

हमारे देश में लाखों, सिकन्दर बीनते कूड़ा
तभी मिलती है मुश्किल से, उन्हें दो जून की रोटी

बुढ़ापा आ गया उनको, पकौड़े तल के खोखे में
सभी की चाय से चलती नहीं, दो जून की रोटी

हुनर को देखता ही कौन है, दौलत की दुनिया में
हमेशा रूप’ को मिलती, जहाँ दो जून की रोटी

4 टिप्‍पणियां:


  1. जी नमस्ते,

    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल सोमवार (03-06-2019) को

    " नौतपा का प्रहार " (चर्चा अंक- 3355)
    पर भी होगी।

    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट अक्सर नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।

    आप भी सादर आमंत्रित है


    अनीता सैनी

    जवाब देंहटाएं
  2. Thanks for sharing this valuable information with us. I will come back to your site and keep sharing this information with us
    See More .....

    जवाब देंहटाएं
  3. बेहतरीन ग़ज़ल आदरणीय

    जवाब देंहटाएं
  4. बहुत बहुत सुंदर अतुलनीय।
    सादर

    जवाब देंहटाएं

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथासम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

समर्थक

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails