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शनिवार, 22 जून 2019

कूर्मा़ञ्चली कविता " म्यर इजा" (गरिमा दीपक पन्त)

गरिमा दीपक पन्त की कविता
पहाड़ी भाषा में
पहली बार कविता लिखने की कोशिश की है।
आप सभी का आशीर्वाद चाहूँगी।
-गरिमा दीपक पन्त
इजा भावना छि, अहसास छि,
इजा जीवन छि, अनमोल छि,
इजा नान्तिनक लिजी लोरी छि,
इजा अहसास छि,सुखद पलक्क
इजा भूमि जस्स छि
जैके कोई सीमा निछि ।
भूमि जस्स महान छि इजा
इजा झरना छि,मिठू- मिट्ठ पाणि छि।
इजा त्याग्क मूर्ति छि,
इजक कोई मोल निछि
इजा खुटमै स्वर्ग छैं
इजाक् उन खुटमै
म्यर कोटि-कोटि नमन छि।।

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