"उच्चारण" 1996 से समाचारपत्र पंजीयक, भारत सरकार नई-दिल्ली द्वारा पंजीकृत है। यहाँ प्रकाशित किसी भी सामग्री को ब्लॉग स्वामी की अनुमति के बिना किसी भी रूप में प्रयोग करना© कॉपीराइट एक्ट का उलंघन माना जायेगा।

मित्रों!

आपको जानकर हर्ष होगा कि आप सभी काव्यमनीषियों के लिए छन्दविधा को सीखने और सिखाने के लिए हमने सृजन मंच ऑनलाइन का एक छोटा सा प्रयास किया है।

कृपया इस मंच में योगदान करने के लिएRoopchandrashastri@gmail.com पर मेल भेज कर कृतार्थ करें। रूप में आमन्त्रित कर दिया जायेगा। सादर...!

और हाँ..एक खुशखबरी और है...आप सबके लिए “आपका ब्लॉग” तैयार है। यहाँ आप अपनी किसी भी विधा की कृति (जैसे- अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कर सकते हैं।

बस आपको मुझे मेरे ई-मेल roopchandrashastri@gmail.com पर एक मेल करना होगा। मैं आपको “आपका ब्लॉग” पर लेखक के रूप में आमन्त्रित कर दूँगा। आप मेल स्वीकार कीजिए और अपनी अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कीजिए।

यह ब्लॉग खोजें

समर्थक

शुक्रवार, 6 फ़रवरी 2015

"कुटिल-काँटे लड़ाई ठानते हैं-तीन मुक्तक" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

कुटिलता के भाव को पहचानते हैं,
शत्रुता दिल में नहीं हम ठानते हैं।
वो बहुत खुलकर चलाते बाण अपने,
किन्तु हम चुपचाप सहना जानते हैं।।
--
हम सुमन के हैं हितैषी, गन्ध को पहचानते हैं,
इसलिए हमसे कुटिल-काँटे लड़ाई ठानते हैं।
छेदते हैं जो सुकोमल पुष्प का नाजुक बदन,
ठोकरों से हम उन्हें, हरदम कुचलना जानते हैं।।
--
बुज़दिली! दरियादिली को मत समझना,
दिल्लगी! दिल की लगी को मत समझना।
वक्त आने पर बहा देंगे रुधिर की धार को,
खड्ग को लाचार इतना मत समझना।।

7 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति :)


    Recent Post शब्दों की मुस्कराहट पर मेरी नजर से चला बिहारी ब्लॉगर बनने: )

    उत्तर देंहटाएं
  2. आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 07-01-2015 को चर्चा मंच पर चर्चा - 1882 में दिया जाएगा
    धन्यवाद

    उत्तर देंहटाएं
  3. कुटिलता के भाव को पहचानते हैं,
    शत्रुता दिल में नहीं हम ठानते हैं।
    वो बहुत खुलकर चलाते बाण अपने,
    किन्तु हम चुपचाप सहना जानते हैं।।
    --bahut sundar bhavabhvyakti .badhai

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति

    उत्तर देंहटाएं

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथासम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails