|
उग्रवादियों की छिनी, घाटी में जागीर।
भारत के कानून से, बँधा सकल कशमीर।।
--
खाकर हिन्दुस्तान का, करते थे जो घात।
ऐसे सारे दलों की, हुई करारी मात।।
--
लोकसभा में भी हुआ, पारित अब मजमून।
लागू होगा देश में, संशोधित कानून।।
--
भेद-भाव का अब नही, बाकी बचा विकल्प।
मान लिया है देश ने, मोदी का संकल्प।।
--
देशभक्त सब नाचते, होकर भाव विभोर।
ढोल-नगाड़े बज रहे, भारत में चहुँओर।।
--
होगा अब अलगाव का, बन्द देश से शोर।
नारा वन्दे मातरम्, गूँजेगा सब ओर।।
--
अब दो-दो कानून का, नहीं चलेगा दौर।
दशकों से कशमीर है, भारत का शिरमौर।।
--
अब जम्मू-कश्मीर की, हुई असम्बली भंग।
बदले तेवर देखकर, पाक रह गया दंग।।
|
| "उच्चारण" 1996 से समाचारपत्र पंजीयक, भारत सरकार नई-दिल्ली द्वारा पंजीकृत है। यहाँ प्रकाशित किसी भी सामग्री को ब्लॉग स्वामी की अनुमति के बिना किसी भी रूप में प्रयोग करना© कॉपीराइट एक्ट का उलंघन माना जायेगा। मित्रों! आपको जानकर हर्ष होगा कि आप सभी काव्यमनीषियों के लिए छन्दविधा को सीखने और सिखाने के लिए हमने सृजन मंच ऑनलाइन का एक छोटा सा प्रयास किया है। कृपया इस मंच में योगदान करने के लिएRoopchandrashastri@gmail.com पर मेल भेज कर कृतार्थ करें। रूप में आमन्त्रित कर दिया जायेगा। सादर...! और हाँ..एक खुशखबरी और है...आप सबके लिए “आपका ब्लॉग” तैयार है। यहाँ आप अपनी किसी भी विधा की कृति (जैसे- अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कर सकते हैं। बस आपको मुझे मेरे ई-मेल roopchandrashastri@gmail.com पर एक मेल करना होगा। मैं आपको “आपका ब्लॉग” पर लेखक के रूप में आमन्त्रित कर दूँगा। आप मेल स्वीकार कीजिए और अपनी अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कीजिए। |

धारा 370 पर छंदबद्ध दोहे, वाह सदैव मन पर अंकित हो गए शास्त्री जी
जवाब देंहटाएंआपकी इस प्रस्तुति का लिंक 8.8.19 को चर्चा मंच पर चर्चा - 3421 में दिया जाएगा
जवाब देंहटाएंधन्यवाद
दिलबागसिंह विर्क
आपकी लिखी रचना ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" में गुरुवार 8 अगस्त 2019 को साझा की गयी है......... पाँच लिंकों का आनन्द पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!
जवाब देंहटाएंवाह!
जवाब देंहटाएंसटीक और सामयिक दोहे
जवाब देंहटाएं