अमरीका के साथ में, होंगे कौल-करार।
भारतवासी ट्रम्प के, स्वागत में तैयार।।
दिल्ली से गुजरात तक, लोगों में है हर्ष।
स्वागत में संलग्न है, पूरा भारतवर्ष।।
अपने भारत देश की, दुनिया भर में शान।
मोदी जी की शान में, झुकता सकल जहान।।
सर्व-धर्म-समभाव का, संगम हिन्दुस्तान।
अभ्यागत को जो सदा, देता पूरा मान।।
अमरीका से पाक को, मिला नहीं अनुदान।
भारत का रुख देखकर, सदमे में इमरान।।
खुले-आम आतंक की, चलती जहाँ दूकान।
दुनिया में बदनाम है, ऐसा पाकिस्तान।।
कटती हुई पतंग को, सब लेते हैं लूट।
डोर अगर कमजोर हो, वो जाती है टूट।।
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जी नमस्ते,
जवाब देंहटाएंआपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा सोमवार(२४-०२-२०२०) को 'स्वाभिमान को गिरवी रखता'(चर्चा अंक-३६२१) पर भी होगी।
चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट अक्सर नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
आप भी सादर आमंत्रित है
….
अनीता सैनी
पाकिस्तान का तो पता नहीं अपने यहां ही कई कबाब बने जा रहे हैं
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