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रविवार, 20 सितंबर 2020

गीत "दीन-ईमान के चोंचले मत करो" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

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दूरिया कम करो फासले मत करो।
खाज में कोढ़ के दाखले मत करो।।
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दौलतें बढ़ गईं दिल हुए तंग है,
कालिमा चढ़ गई, नूर बे-रंग है,
आग के ढेर पर घोंसले मत धरो।
खाज में कोढ़ के दाखले मत करो।।
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मन में बैठे कुटिल पाप को कम करो,
बनके बादल सघन ताप को कम करो,
फूट और लूट के हौंसले मत करो।
खाज में कोढ़ के दाखले मत करो।।
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वो ही दैरो-हरम में समाया हुआ,
नूर दुनिया में उसका ही छाया हुआ,
दीन-ईमान के चोंचले मत करो।
खाज में कोढ़ के दाखले मत करो।।
--
भाई-चारा निभाना सदा प्यार से,
रोग हरना सदा श्रेष्ठ उपचार से,
मखमली ख्वाब हैं खोखले मत करो।
खाज में कोढ़ के दाखले मत करो।। 

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11 टिप्‍पणियां:

  1. नमस्ते,
    आपकी इस प्रविष्टि के लिंक की चर्चा सोमवार 21 सितंबर 2020) को 'दीन-ईमान के चोंचले मत करो' (चर्चा अंक-3831) पर भी होगी।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्त्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाए।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    --
    -रवीन्द्र सिंह यादव

    जवाब देंहटाएं
  2. वाह
    क्या बात है।
    ज्ञानपुंज।

    जवाब देंहटाएं
  3. धन्यवाद शास्र्त्री जी मेरी रचना को चर्चामंच में शामिल करने के लिए

    जवाब देंहटाएं
  4. भाई-चारा निभाना सदा प्यार से,
    रोग हरना सदा श्रेष्ठ उपचार से,
    मखमली ख्वाब हैं खोखले मत करो।


    बहुत ख़ूब
    अति उत्तम प्रेरक संदेशमय पंक्तियां
    सादर नमन 🙏💐🙏

    जवाब देंहटाएं
  5. बहुत खूब ... भाई चारे का सन्देश लिए ... सुन्दर गीत है आपकी कलम से ...

    जवाब देंहटाएं
  6. फूट और लूट के हौंसले मत करो।
    खाज में कोढ़ के दाखले मत करो।।
    मखमली ख्वाब हैं खोखले मत करो।
    खाज में कोढ़ के दाखले मत करो।।
    बहुत सही

    जवाब देंहटाएं
  7. आग के ढेर पर घोंसले मत धरो... बहुत खूब ... वैमनस्यता के इस वातावरण में ये सटीक रचना है ...वाह

    जवाब देंहटाएं
  8. वो ही दैरो-हरम में समाया हुआ,
    नूर दुनिया में उसका ही छाया हुआ,
    दीन-ईमान के चोंचले मत करो।
    खाज में कोढ़ के दाखले मत करो।।
    वाह!!!!
    लाजवाब सृजन...

    जवाब देंहटाएं
  9. भाई-चारा निभाना सदा प्यार से,
    रोग हरना सदा श्रेष्ठ उपचार से,
    मखमली ख्वाब हैं खोखले मत करो।
    खाज में कोढ़ के दाखले मत करो।।

    वाह!!!
    बहुत सुंदर !!!
    भाईचारे के संदेश से ओतप्रोत बेहतरीन रचना के लिए आपको नमन !!!

    जवाब देंहटाएं

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