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शुक्रवार, 8 जुलाई 2016

गीत, "नभ में बदली काली लेकर आया है चौमास" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

मित्रों!
विगत वर्ष चौमास का गीत लिखा था।
जिसको अपना स्वर दिया है 


मेरी मुँहबोली भतीजी "अर्चना चावजी" ने

आप भी इस गीत का आनन्द लीजिए। 


खेतों में हरियाली लेकर आया है चौमास! 

जीवन में खुशहाली लेकर आया है चौमास!! 
 
सन-सन, सन-सन चलती पुरुवा, जिउरा लेत हिलोर,
इन्द्रधनुष के रंग देखकर, नाचे मनका मोर,
पकवानों की थाली लेकर आया है चौमास!
जीवन में खुशहाली लेकर आया है चौमास!!

झूले ने उपवन चहकाया, महका है परिवेश,
सावन के गीतों ने गाया, मिलने का सन्देश,
चोटी, बिन्दी, लाली लेकर आया है चौमास!
जीवन में खुशहाली लेकर आया है चौमास!!

सूरज आँख-मिचौली करता, श्याम घटा के संग,
तालाबों में कमल खिले हैं, भरकर नूतन रंग,
नभ में बदली काली लेकर आया है चौमास!
जीवन में खुशहाली लेकर आया है चौमास!!

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