"उच्चारण" 1996 से समाचारपत्र पंजीयक, भारत सरकार नई-दिल्ली द्वारा पंजीकृत है। यहाँ प्रकाशित किसी भी सामग्री को ब्लॉग स्वामी की अनुमति के बिना किसी भी रूप में प्रयोग करना© कॉपीराइट एक्ट का उलंघन माना जायेगा।

मित्रों!

आपको जानकर हर्ष होगा कि आप सभी काव्यमनीषियों के लिए छन्दविधा को सीखने और सिखाने के लिए हमने सृजन मंच ऑनलाइन का एक छोटा सा प्रयास किया है।

कृपया इस मंच में योगदान करने के लिएRoopchandrashastri@gmail.com पर मेल भेज कर कृतार्थ करें। रूप में आमन्त्रित कर दिया जायेगा। सादर...!

और हाँ..एक खुशखबरी और है...आप सबके लिए “आपका ब्लॉग” तैयार है। यहाँ आप अपनी किसी भी विधा की कृति (जैसे- अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कर सकते हैं।

बस आपको मुझे मेरे ई-मेल roopchandrashastri@gmail.com पर एक मेल करना होगा। मैं आपको “आपका ब्लॉग” पर लेखक के रूप में आमन्त्रित कर दूँगा। आप मेल स्वीकार कीजिए और अपनी अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कीजिए।

यह ब्लॉग खोजें

समर्थक

सोमवार, 7 अप्रैल 2014

"ग़ज़लगो स्वयम् को बताने लगे" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

मेरे लिक्खे तरानों को गाने लगे
वो ग़ज़लगो स्वयम् को बताने लगे

अपनी भाषा में हमने लिखे शब्द जब
ख़ामियाँ वो हमारी गिनाने लगे

क्या ग़ज़ल सिर्फ उर्दू की जागीर है
इसको फिरकों में क्यों बाँट खाने लगे

दिल को मन लिख दिया, हर्ज़ क्या हो गया
दायरा क्यों दिलों का घटाने लगे

होंगे अशआर नाजुक करेंगे असर
शेर में तल्ख़ियाँ क्यों दिखाने लगे

"रूप" क़ायम रहे, सोच रक्खो बड़ी
नुक्ता-चीनी में दिल क्यों लगाने लगे

5 टिप्‍पणियां:

  1. सहमत .........
    नियमों की कट्टरता ठीक नहीं होती
    लिपि हिंदी तो मात्रा गणना भी हिंदी के अनुसार होनी चाहिए लेकिन ग़ज़ल के मामले में ऐसा नहीं .......
    दोस्ती की पांच मात्राएँ , क्या में तीन मात्राएँ ........क्या हिंदी में हो सकती हैं

    उत्तर देंहटाएं
  2. बढ़िया शैर कहे हैं बढ़िया विचार गज़ल

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत बढ़िया ..
    रामनवमी की हार्दिक शुभकामनायें

    उत्तर देंहटाएं
  4. ऐसे ही लिखिये, हमें तो बहुत आप भाते हैं।

    उत्तर देंहटाएं

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथासम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails