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बुधवार, 5 सितंबर 2018

गुरु वन्दना "श्रीगुरूदेव का वन्दन" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

ओम् जय शिक्षा दाता, जय-जय शिक्षा दाता।

जो जन तुमको ध्याता, पार उतर जाता।।

 

तुम शिष्यों के सम्बल, तुम ज्ञानी-ध्यानी।

संस्कार-सद्गुण को गुरु ही सिखलाता।।

 

कृपा तुम्हारी पाकर, धन्य हुआ सेवक।

मन ही मन में गुरुवर, तुमको हूँ ध्याता।।

 

कृष्ण-सुदामा जैसे, गुरुकुल में आते।

राजा-रंक सभी का, तुमसे है नाता।

 

निराकार है ईश्वर, गुरु-साकार सुलभ।

नीति-रीति के पथ को, गुरु ही बतलाता।।

 

सद्गुरू यही चाहता, उन्नति शिष्य करे।

इसीलिए तो डाँट लगाकर, दर्शन समझाता।।

 

श्रीगुरूदेव का वन्दन, प्रतिदिन जो करता।

सरस्वती माता का, वो ही वर पाता।। 


4 टिप्‍पणियां:

  1. आपको भी शिक्षक दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ सर



    कुमार गौरव अजीतेन्दु

    शब्दसुगंध ( http://shabdsugandh.blogspot.com/ )

    उत्तर देंहटाएं
  2. आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 6.9.18 को चर्चा मंच पर चर्चा - 3086 में दिया जाएगा

    हार्दिक धन्यवाद

    उत्तर देंहटाएं
  3. शिक्षक दिवस पर सरस्वती पुत्र डॉ. रूप चंद शास्त्रीजी के उदगार :शास्त्री जी वैसे डॉक्टर नहीं हैं जैसे यूनिवर्सिटी में पाए जाते हैं आयुर्वेद के विज्ञचिकित्सक एवं मर्मज्ञ हैं इसीलिए साहित्य सेवी भी हैं :

    ओम् जय शिक्षा दाता, जय-जय शिक्षा दाता।
    जो जन तुमको ध्याता, पार उतर जाता।।

    तुम शिष्यों के सम्बल, तुम ज्ञानी-ध्यानी।
    संस्कार-सद्गुण को गुरु ही सिखलाता।।

    कृपा तुम्हारी पाकर, धन्य हुआ सेवक।
    मन ही मन में गुरुवर, तुमको हूँ ध्याता।।

    कृष्ण-सुदामा जैसे, गुरुकुल में आते।
    राजा-रंक सभी का, तुमसे है नाता।

    निराकार है ईश्वर, गुरु-साकार सुलभ।
    नीति-रीति के पथ को, गुरु ही बतलाता।।

    सद्गुरू यही चाहता, उन्नति शिष्य करे।
    इसीलिए तो डाँट लगाकर, दर्शन समझाता।।

    श्रीगुरूदेव का वन्दन, प्रतिदिन जो करता।
    सरस्वती माता का, वो ही वर पाता।।

    veeruji005.blogspot.com

    veerujialami.blogspot.com
    veerusahab2017.blogspot.com

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत सुंदर| शिक्षक दिवस की शुभकामनायें |

    उत्तर देंहटाएं

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