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रविवार, 13 नवंबर 2016

बालकविता "चाचा नेहरू तुम्हें नमन" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

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चाचा नेहरू जी ने,
प्यारे बच्चों को ईनाम दिया था।
अपने जन्म-दिवस को
तुमने बाल-दिवस के नाम किया था।।

एक साल में एक बार ही
बाल दिवस आता है।
मास नवम्बर नेहरू जी की
हमको याद दिलाता है।।

चाचा नेहरू की पाकिट पर,
फूल गुलाब हमेशा रहता।
काँटों में भी मुस्काने की,
शुभ सन्देश सभी से कहता।।

फूलों जैसी मुस्कानों से,
महक रहा आजाद चमन।
बच्चों की किलकारी से है,
चहक रहा सारा आँगन।।

माली बनकर लाल जवाहर ने,
सींचा अपना उपवन।
अभिनव भारत के निर्माता
मेरे शत्-शत् तुम्हें नमन।।

2 टिप्‍पणियां:

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