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मंगलवार, 12 जनवरी 2021

दोहे "पर्व लोहड़ी में करो, सबसे मीठी बात" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

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नये साल का आगमन, लाया है सौगात।
पर्व लोहड़ी में करो, सबसे मीठी बात।।
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कुदरत ने हमको दिया, षड् ऋतुओं का दान।
खेतों ने पहना हुआ, पीताम्बर परिधान।
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मास जनवरी में हुआ, परबत पर हिमपात।
मूँगफली औ’ रेबड़ी, की बाँटो सौगात।।
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सरदी में अच्छा लगे, खिचड़ी का आहार।
तिल के लड़डू खाइए, कहता है त्यौहार।।
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उत्तरायणी-लोहड़ी, देती है सन्देश।
थोड़े दिन के बाद में, सुधरेगा परिवेश।।
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झड़बेरी पर छा गये, खट्टे-मीठे बेर।
धूप सेंकने कोकिला, बैठ गयी मुंडेर।।
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सरसों फूली खेत में, लहर-लहर लहराय।
भ्रमर औ मधुमक्खियाँ, गुन-गुन गीत सुनाय।।
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मिलजुल कर सब प्रेम से, भँगड़ा करते लोग।
लोहड़ी में उत्साह से, लगा रहे हैं भोग।।
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10 टिप्‍पणियां:

  1. इस टिप्पणी को लेखक ने हटा दिया है.

    जवाब देंहटाएं
  2. आदरणीय शास्त्री जी,
    लोहड़ी पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏

    बहुत सूंदर दोहे रचे हैं आपने।
    मैंने भी अपने वर्षा सिंह ब्लॉग में कुछ दोहे लिखे हैं। यदि आप उन्हें पढ़ कर अपनी बहुमूल्य टिप्पणी दें तो मुझे प्रसन्नता होगी। लिंक निम्नलिखित है -

    https://varshasingh1.blogspot.com/2021/01/blog-post.html?m=0

    सादर,
    डॉ. वर्षा सिंह

    जवाब देंहटाएं
  3. आदरणीय वन्दन,
    लोहड़ी पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏

    उत्तम रचना

    जवाब देंहटाएं
  4. बहुत सुन्दर दोहे । लोहड़ी पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं🙏

    जवाब देंहटाएं
  5. बेहतरीन दोहे आदरणीय। लोहड़ी पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं 💐

    जवाब देंहटाएं
  6. प्रकृति के परिवेश का सुन्दर चित्रण!

    जवाब देंहटाएं
  7. आपको लोहड़ी और मकर सक्रांति की बहुत-बहुत बधाइयां और शुभकामनाएं

    जवाब देंहटाएं

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