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शुक्रवार, 1 जनवरी 2021

"सबको मुबारक नया वर्ष हो" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

--1--

देश-दुनिया में पसरा हुआ हर्ष हो,

देशभक्ति के ज़ज़्बे का उत्कर्ष हो।

धानी धरती हमेशा रहे उर्वरा,
आप सबको मुबारक नया वर्ष हो।।
--2--
आप हर्षित रहें इस नये वर्ष में,
खूब चर्चित रहें इस नये वर्ष में।
राष्ट्र उत्कर्ष के यज्ञ में रात-दिन,
आप अर्पित रहें इस नये वर्ष में।।
--3--
चमकेगा अब गगन-भाल। 
आया है फिर से नया साल।।
--
आशाएँ सरसती हैं मन में
खुशियाँ बरसेंगी आँगन में
सुधरेंगें बिगड़े हुए हाल। 
आया है फिर से नया साल।।
--
होंगी सब दूर विफलताएँ
आयेंगी नई सफलताएँ
जन्मेंगे फिर से पाल-बाल। 
आया है फिर से नया साल।।
--
सिक्कों में नहीं बिकेंगे मन
सत्ता ढोयेंगे पावन जन
अब नहीं चलेंगी वक्र-चाल। 
आया है फिर से नया साल।।
हठयोगी, पण्डे और ग्रन्थी
हिन्दू-मुस्लिम, कट्टरपन्थी
अब नहीं बुनेंगे धर्म-जाल।
आया है फिर से नया साल।।
--

8 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुन्दर प्रस्तुति

    नववर्ष की यही मंगलकामनाएं करते हैं कि ....
    नव वर्ष में नव पहल हो
    कठिन जीवन और सरल हो
    नए वर्ष का उगता सूरज
    सबके लिए सुनहरा पल हो

    जवाब देंहटाएं
  2. जी नमस्ते ,
    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार (०२-०१-२०२१) को 'जीवन को चलना ही है' (चर्चा अंक- ३९३४) पर भी होगी।
    आप भी सादर आमंत्रित है
    --
    अनीता सैनी

    जवाब देंहटाएं
  3. आदरणीय शास्त्री जी
    सादर नमन 🙏🏻

    सिक्कों में नहीं बिकेंगे मन,
    सत्ता ढोयेंगे पावन जन,
    अब नहीं चलेंगी वक्र-चाल।
    आया है फिर से नया साल।।
    हठयोगी, पण्डे और ग्रन्थी,
    हिन्दू-मुस्लिम, कट्टरपन्थी,
    अब नहीं बुनेंगे धर्म-जाल।
    आया है फिर से नया साल।।

    इन मानवतावादी पंक्तियों के प्रति साधुवाद 🙏🏻
    नववर्ष में यही आशा है कि विगत की कटुताओं से देश को, समाज को मुक्ति मिले और चहुंओर हर्ष, उमंग की बारिश हो 💐🌹💐

    सादर,
    डॉ. वर्षा सिंह

    जवाब देंहटाएं
  4. सुन्दर सृजन - - नूतन वर्ष की असीम शुभकामनाएं।

    जवाब देंहटाएं
  5. सुन्दर सृजन....नूतन वर्ष की हार्दिक बधाई....

    जवाब देंहटाएं
  6. सिक्कों में नहीं बिकेंगे मन,
    सत्ता ढोयेंगे पावन जन,
    अब नहीं चलेंगी वक्र-चाल।
    आया है फिर से नया साल।।
    हठयोगी, पण्डे और ग्रन्थी,
    हिन्दू-मुस्लिम, कट्टरपन्थी,
    अब नहीं बुनेंगे धर्म-जाल।
    आया है फिर से नया साल।।
    वाह!
    उत्तम रचना।
    नववर्ष की अशेष शुभकामनाओं के साथ।
    सादर।

    जवाब देंहटाएं

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