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शनिवार, 9 जनवरी 2021

देशभक्ति गीत ♦मैं तिरंगे को झुकने न दूँगा कहीं♦ (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

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मेरे प्यारे वतन
, जग से न्यारे वतन।
मेरे प्यारे वतन, ऐ दुलारे वतन।।
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अपने पावों को रुकने न दूँगा कहीं,
मैं तिरंगे को झुकने न दूँगा कहीं,
तुझपे कुर्बान कर दूँगा मैं जानो तन।
मेरे प्यारे वतन, ऐ दुलारे वतन।।
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जन्म पाया यहाँ, अन्न खाया यहाँ,
सुर सजाया यहाँ, गीत गाया यहाँ,
नेक-नीयत से मैंने किया आचमन।
मेरे प्यारे वतन, ऐ दुलारे वतन।।
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तेरी गोदी में पल कर बड़ा मैं हुआ,
तेरी माटी में चल कर खड़ा मैं हुआ,
मैं तो इक फूल हूँ तू है मेरा चमन।
मेरे प्यारे वतन, ऐ दुलारे वतन।।
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स्वप्न स्वाधीनता का सजाये हुए,
लाखों बलिदान माता के जाये हुए,
कोटि-कोटि हैं उनको हमारे नमन।
मेरे प्यारे वतन, ऐ दुलारे वतन।।
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जश्ने आजादी आती रहे हर बरस,
कौम खुशियाँ मनाती रहे हर बरस,
देश-दुनिया में हो बस अमन ही अमन।
मेरे प्यारे वतन, ऐ दुलारे वतन।।
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6 टिप्‍पणियां:

  1. जश्ने आजादी आती रहे हर बरस,
    कौम खुशियाँ मनाती रहे हर बरस,
    देश-दुनिया में हो बस अमन ही अमन।
    मेरे प्यारे वतन, ऐ दुलारे वतन।।

    आमीन 🙏

    देशभक्ति का बेहतरीन गीत
    आदरणीय सादर नमन 💐🙏💐

    शुभेच्छाओं सहित,
    डॉ. वर्षा सिंह

    जवाब देंहटाएं
  2. देशप्रेम से ओतप्रोत ओजमय रचना।
    वंदेमातरम्।

    जवाब देंहटाएं
  3. स्वप्न स्वाधीनता का सजाये हुए,
    लाखों बलिदान माता के जाये हुए,
    कोटि-कोटि हैं उनको हमारे नमन।
    मेरे प्यारे वतन, ऐ दुलारे वतन।

    जय हिंद।

    जवाब देंहटाएं

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