"उच्चारण" 1996 से समाचारपत्र पंजीयक, भारत सरकार नई-दिल्ली द्वारा पंजीकृत है। यहाँ प्रकाशित किसी भी सामग्री को ब्लॉग स्वामी की अनुमति के बिना किसी भी रूप में प्रयोग करना© कॉपीराइट एक्ट का उलंघन माना जायेगा।

मित्रों!

आपको जानकर हर्ष होगा कि आप सभी काव्यमनीषियों के लिए छन्दविधा को सीखने और सिखाने के लिए हमने सृजन मंच ऑनलाइन का एक छोटा सा प्रयास किया है।

कृपया इस मंच में योगदान करने के लिएRoopchandrashastri@gmail.com पर मेल भेज कर कृतार्थ करें। रूप में आमन्त्रित कर दिया जायेगा। सादर...!

और हाँ..एक खुशखबरी और है...आप सबके लिए “आपका ब्लॉग” तैयार है। यहाँ आप अपनी किसी भी विधा की कृति (जैसे- अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कर सकते हैं।

बस आपको मुझे मेरे ई-मेल roopchandrashastri@gmail.com पर एक मेल करना होगा। मैं आपको “आपका ब्लॉग” पर लेखक के रूप में आमन्त्रित कर दूँगा। आप मेल स्वीकार कीजिए और अपनी अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कीजिए।

यह ब्लॉग खोजें

समर्थक

सोमवार, 12 मई 2014

"हक़ीक़त से अपना न दामन बचाना" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')


चमक और दमक में, कहीं खो न जाना!
कलम के मुसाफिर, कहीं सो न  जाना!

जलाना पड़ेगा तुझे, दीप जगमग,
दिखाना पड़ेगा जगत को सही मग,
तुझे सभ्यता की, अलख है जगाना!!
कलम के मुसाफिर...................!!

सिक्कों की खातिर कलम बेचना मत,
कलम में छिपी है ज़माने की ताकत,
भटके हुओं को सही पथ दिखाना!
कलम के मुसाफिर...................!!

झूठों की करना कभी मत हिमायत,
अमानत में करना कभी मत ख़यानत,
हक़ीक़त से अपना न दामन बचाना!
कलम के मुसाफिर...................!!

3 टिप्‍पणियां:

  1. वाह सुंदर चित्र सुंदर प्रस्तुति भी :)

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत सुन्दर सार्थक सन्देश देता हुआ गीत ...बहुत =बहुत बधाई

    उत्तर देंहटाएं

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथासम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails