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रविवार, 15 जून 2014

"पितृदिवस पर विशेष" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

    यह घटना सन् 1979 की है। उस समय मेरा निवास जिला-नैनीताल की नेपाल सीमा पर बसे कस्बे बनबसा में था।
      पिता जी और माता जी उन दिनों नजीबाबाद में रहते थे।लेकिन मुझसे मिलने के लिए बनबसा आये हुए थे। पिता जी की आयु उस समय 55-60 के बीच की रही होगी। शाम को वो अक्सर बाहर चारपाई बिछा कर बैठे रहते थे। उस दिन भी वो बाहर ही चारपाई पर बैठे थे।
तभी एक व्यक्ति मुझसे मिलने के लिए आया। वो जैसे ही मेरे पास आयापिता जी एक दम तपाक से उठे और उसका हाथइतना कस कर पकड़ा कि उसके हाथ से चाकू छूट कर नीचे गिर पड़ा। तब मुझे पता लगा कि यह व्यक्ति तो मुझे चाकू मारने के लिए आया था।
पिता जी ने अब उस गुण्डे को अपनी गिरफ्त में ले लिया था और वो उनसे छूटने के लिए फड़फड़ा रहा था परन्तु पकड़ ऐसी थी कि ढीली होने का नाम ही नही ले रही थी। अब तो यह नजारा देखने के लिए भीड़ जमा हो गई थी। इस गुण्डे टाइप आदमी की भीड़ ने भी अच्छी-खासी पिटाई लगा दी थी।
    छूटने का कोई चारा न देख इसने यह स्वीकार कर ही लिया कि डाक्टर साहब के पड़ोसी ने मुझे चाकू मारने के लिए 1000रुपये तय किये थे और इस काम के लिए 100 रुपये पेशगी भी दिये थे।
    आज वह गुण्डा और मेरा उस समय का सुपारी देने वाला पड़ोसी इस दुनिया में नही है। परन्तु मेरे पिता जी 90 वर्ष की आयु  तक मेरे पिता जी बिल्कुल स्वस्थ थे लेकिन 2 वर्ष से वो  अस्वस्थ हैं। मेरे साथ ही रहते हैं। मैं और मेरा परिवार उनकी पूरी निष्ठा से सेवा कर रहे हैं। 
       आज मुझे समझ में आता है कि पिता होते हुए पुत्र पर कोई आँच नही आ सकती है।
(मेरे परम पूज्य पिता श्री घासीराम आर्य एवं परम पूज्या माता श्रीमती श्यामवती देवी)
      तिरेसठ वर्ष की आयु में भी मैं अपने आपको बच्चा ही समझता हूँ। क्योंकि मेरे माँ-बाप अभी जीवित हैं। मैं खुशनसीब हूँ कि माता-पिता जी का साया आज भी मेरे सिर पर है।
(मैं और मेरी जीवनसंगिनी श्रीमती अमर भारती)

10 टिप्‍पणियां:

  1. आदरणीय सर पिता दिवस में आपके पिताजी हैं इससे बड़ी ख़ुशी और क्या हो सकती है

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  2. सुन्दर सन्देश पितृ दिवस पर...माँ बाप के रहने से हमारा बचपन प्रोलॉन्ग कर जाता है...ठीक कहा आपने...

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  3. सच पिता का साथ सबसे बड़ा सम्बल है ....

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  4. आपने अपनी बहुत हीं गहरी भावाओं से हमे परिचित कराया आभार |

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  5. क्या बता है सर पिताजी का साया स्वार्थहीन छाता होता है जबतक मिले खुश रहे आदमी निश्चिन्त बालवत बना रहे.पितृ दिवस पर अनुपम भेंट सभी के लिए।

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  6. बहुत सौभाग्यशाली हैं आप...शुभकामनायें!

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  7. ईश्वर हर पिता को लंबी आयु दे। ईश्वर की कृपा है आप पर।

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  8. आज खटीमा में हूँ-
    गुरु जी के माता-पिता के दर्शन किये -
    आदरणीय रूप चंद शास्त्री "मयंक" के लिए यह दोहा सादर प्रस्तुत है-

    वृद्धाश्रम क्योंकर बने, हैं "मयंक" से लाल |
    मातु-पिता का रख रहे, बच्चों जैसा ख्याल ||

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  9. वाकई आप बहुत भाग्य शाली है जिन पर आज हही पिता का साया है

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