"उच्चारण" 1996 से समाचारपत्र पंजीयक, भारत सरकार नई-दिल्ली द्वारा पंजीकृत है। यहाँ प्रकाशित किसी भी सामग्री को ब्लॉग स्वामी की अनुमति के बिना किसी भी रूप में प्रयोग करना© कॉपीराइट एक्ट का उलंघन माना जायेगा।

मित्रों!

आपको जानकर हर्ष होगा कि आप सभी काव्यमनीषियों के लिए छन्दविधा को सीखने और सिखाने के लिए हमने सृजन मंच ऑनलाइन का एक छोटा सा प्रयास किया है।

कृपया इस मंच में योगदान करने के लिएRoopchandrashastri@gmail.com पर मेल भेज कर कृतार्थ करें। रूप में आमन्त्रित कर दिया जायेगा। सादर...!

और हाँ..एक खुशखबरी और है...आप सबके लिए “आपका ब्लॉग” तैयार है। यहाँ आप अपनी किसी भी विधा की कृति (जैसे- अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कर सकते हैं।

बस आपको मुझे मेरे ई-मेल roopchandrashastri@gmail.com पर एक मेल करना होगा। मैं आपको “आपका ब्लॉग” पर लेखक के रूप में आमन्त्रित कर दूँगा। आप मेल स्वीकार कीजिए और अपनी अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कीजिए।

यह ब्लॉग खोजें

समर्थक

बुधवार, 17 दिसंबर 2014

"दोहे-आतंक को पाल रहा नापाक" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

बच्चों पर होते जहाँ, बन्दूकों के वार।।
ऐसे ज़ुल्मी मुल्क में, रहना है दुश्वार।।
--
इस घटना को देख कर, सबको है अफसोस।।
जो हत-आहत हो गये, उनका क्या था दोष।।
--
देश विभाजन के समय, धरा नाम था पाक।
लेकिन क्यों आतंक को, पाल रहा नापाक।।
--
दहशतगर्दों को सदा, देता रहा पनाह।
आज सामने आ गया, उसके वही गुनाह।।
--
उग्रवाद के संगठन, करते गन्दे काज।।
इनका पूरे जतन से, करो सफाया आज।।
--
शस्त्र नहीं पहचानता, राजा हो या रंक।
उग्रवादियों का रहा, कर्म सदा आतंक।।
--
आवारा है जानवर, कस दो आज लगाम।
कोरी निन्दा से नहीं, आज चलेगा काम।।
--
बाल-वृद्ध औ नारि तो, हैं असहाय निरीह।
ऐसा करो उपाय कुछ, रहें सुरक्षित जीव।।
                          --
मन का मैल मिटाय कर, करे अगर सत्कर्म।
पाक-पाक बन जायेगा, अगर समझ ले मर्म।।

9 टिप्‍पणियां:

  1. पाक-पाक बन जायेगा------- अति सुन्दर

    उत्तर देंहटाएं
  2. bilkul sahi likha hai apne, dil hila dene wali ghtna hai ye.

    उत्तर देंहटाएं
  3. कल 18/दिसंबर/2014 को आपकी पोस्ट का लिंक होगा http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर
    धन्यवाद !

    उत्तर देंहटाएं
  4. आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 18-12-2014 को चर्चा मंच पर क्रूरता का चरम {चर्चा - 1831 } में दिया गया है
    आभार 

    उत्तर देंहटाएं
  5. bahut sundar aur sarthak dohe ....... sabhi dohe karara jabab hai ..

    उत्तर देंहटाएं
  6. उग्रवाद के संगठन, करते गन्दे काज।।
    इनका पूरे जतन से, करो सफाया आज।।
    शस्त्र नहीं पहचानता, राजा हो या रंक।
    उग्रवादियों का रहा, कर्म सदा आतंक।।
    ..सच कहा आपने उग्रवादियों का कोई दीनो धर्म नहीं नहीं फिर उनको क्यों बक्शा जाय ..

    उत्तर देंहटाएं
  7. क्या कोई बता सकता है ऐसे दरिंदों का मज़हब ????

    उत्तर देंहटाएं
  8. दहशतगर्दों को सदा, देता रहा पनाह।
    आज सामने आ गया, उसके वही गुनाह...ये भी बि‍ल्‍कुल सही है। बहुत अच्‍छा लि‍खा आपने।

    उत्तर देंहटाएं

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथासम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails