"उच्चारण" 1996 से समाचारपत्र पंजीयक, भारत सरकार नई-दिल्ली द्वारा पंजीकृत है। यहाँ प्रकाशित किसी भी सामग्री को ब्लॉग स्वामी की अनुमति के बिना किसी भी रूप में प्रयोग करना© कॉपीराइट एक्ट का उलंघन माना जायेगा।

मित्रों!

आपको जानकर हर्ष होगा कि आप सभी काव्यमनीषियों के लिए छन्दविधा को सीखने और सिखाने के लिए हमने सृजन मंच ऑनलाइन का एक छोटा सा प्रयास किया है।

कृपया इस मंच में योगदान करने के लिएRoopchandrashastri@gmail.com पर मेल भेज कर कृतार्थ करें। रूप में आमन्त्रित कर दिया जायेगा। सादर...!

और हाँ..एक खुशखबरी और है...आप सबके लिए “आपका ब्लॉग” तैयार है। यहाँ आप अपनी किसी भी विधा की कृति (जैसे- अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कर सकते हैं।

बस आपको मुझे मेरे ई-मेल roopchandrashastri@gmail.com पर एक मेल करना होगा। मैं आपको “आपका ब्लॉग” पर लेखक के रूप में आमन्त्रित कर दूँगा। आप मेल स्वीकार कीजिए और अपनी अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कीजिए।

यह ब्लॉग खोजें

समर्थक

बुधवार, 13 मई 2015

गीत "जीने का अन्दाज़ निराला" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

सबका अपना-अपना होता,
जीने का अन्दाज़ निराला।
अक्षर-अक्षर मिलकर ही तो,
बनती है शब्दों की माला।।

भाषा-भूषा, प्रान्त-देश का,
सम्प्रदाय का झगड़ा छोड़ो,
जो सीधे-सच्चे मानव हैं,
उनसे अपना नाता जोड़ो,
नभ जब सूरज उगता है,
लाता अपने साथ उजाला।
अक्षर-अक्षर मिलकर ही तो,
बनती है शब्दों की माला।।

पल में तोला, पल में माशा,
कभी हताशा कभी निराशा,
मन है प्यासा पंछी जैसा,
जिसकी बुझती नहीं पिपासा,
कभी न भरता इसका प्याला।
अक्षर-अक्षर मिलकर ही तो,
बनती है शब्दों की माला।।

पहन हंस की धवल केंचुली,
लगता बिल्कुल सीधा-सादा,
छल-फरेब के इस मूरत का,
समझ न पाये लोग इरादा,
विषधर तो विषधर ही होता,
काला हो चाहे पनियाला।
अक्षर-अक्षर मिलकर ही तो,
बनती है शब्दों की माला।।

“रूप” रंग का भूखा भँवरा,
गुंजन करता उपवन-उपवन,
सुमनों की सुगन्ध पाने को,
डोल रहा है कानन-कानन,
नटखट-निडर, रसिक सन्यासी,
झूम रहा बनकर मतवाला।
अक्षर-अक्षर मिलकर ही तो,
बनती है शब्दों की माला।।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथासम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails