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मंगलवार, 20 अगस्त 2013

"भावनाओं की हैं ये लड़ी राखियाँ" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

जूट की सूत की चाहे रेशम की हों,
प्यार की डोर हैं हथकड़ी राखियाँ।
कच्चा धागा इन्हें मत समझना कभी,
भावनाओं की हैं ये लड़ी राखियाँ।

माँ की गोदी में पलकर बड़े हो गये,
एक आँगन में चलकर खड़े हो गये.
धान की पौध सी हैं बहन-बेटियाँ
भेजतीं साल में भाइयों के लिए,
नेह के हैं नगीने जड़ी राखियाँ।।

मायके से भले दूरियाँ हों गयीं,
किन्तु दिल में सभी के लिए प्यार है,
प्रीत की डोरियों में रचा और बसा,
भाइयों के लिए स्नेह-उपहार है,
कितने अरमान से भेजती हर बरस,
झिलमिलाती सी छोटी-बड़ी राखियाँ।।

ढंग चाहे हो कोई, कोई रंग हो
कम न होगा कभी राखियों का चलन,
भाई रक्षा में तत्पर रहेंगे सदा,
धन से होता नहीं प्यार का आकलन,
मायका-सास का घर सलामत रहे,
दो कुलों की सबल हैं कड़ी राखियाँ।।

14 टिप्‍पणियां:

  1. अत्यंत सुंदर एवँ भावपूर्ण रचना !
    मायका-सास का घर सलामत रहे,
    दो कुलों की सबल हैं कड़ी राखियाँ।।
    बहुत सुंदर पंक्तियाँ !

    उत्तर देंहटाएं
  2. आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति बुधवारीय चर्चा मंच पर ।।

    उत्तर देंहटाएं
  3. भावनाओ की है ये डोरियाँ...सुन्दर..रक्षाबंधन कॊ शुभकामनाएं

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत सुंदर !
    शुभकामनाएं !

    उत्तर देंहटाएं
  5. आपकी यह रचना कल बुधवार (21
    -08-2013) को ब्लॉग प्रसारण : 92 पर लिंक की गई है कृपया पधारें.
    सादर
    सरिता भाटिया

    उत्तर देंहटाएं
  6. मायके से भले दूरियाँ हों गयीं,
    किन्तु दिल में सभी के लिए प्यार है,.....bahut sundar rachna....

    उत्तर देंहटाएं
  7. बहुत सुन्दर प्रस्तुति। ।

    उत्तर देंहटाएं
  8. अति सुन्दर नयनाभिराम। अलावा इसके इस पुरुषोत्तम संगम युग पर स्वयं परम पिता परमात्मा हमको राखी बांधते हैं पवित्र करमा जीत बनने की कसम रखवा लेते हैं। सुन्दर और सार्थक रचना है भाई भं के इस पावन पर्व पर शाष्त्री जी की।

    उत्तर देंहटाएं
  9. सुन्दर ,सरल और प्रभाबशाली रचना। बधाई।

    उत्तर देंहटाएं

  10. माँ की गोदी में पलकर बड़े हो गये,
    एक आँगन में चलकर खड़े हो गये.
    धान की पौध सी हैं बहन-बेटियाँ
    भेजतीं साल में भाइयों के लिए,
    नेह के हैं नगीने जड़ी राखियाँ।।


    सुंदर रचना , राखी की ढेरो शुभकामनाये

    यहाँ भी पधारे

    http://shoryamalik.blogspot.in/2013/08/blog-post_6131.html

    उत्तर देंहटाएं
  11. सुन्दर कविता, रक्षाबन्धन की शुभकामनायें।

    उत्तर देंहटाएं

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