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शनिवार, 3 अगस्त 2013

"क्रिस्टिना रोसेट्टी की कविता का अनुवाद" अनुवादक : डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’

मित्रों! बहुत समय पहले एक अंग्रेजी कविता का काव्यानुवाद किया था। 
आज आपके साथ पुनः साझा कर रहा हूँ।
Remember : Christina Rossetti
अनुवादक : डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक

मैं जब दूर चला जाऊँगा,
मेरी याद तुम्हें आयेगी!
जब हो जाऊँगा चिरमौन,
तुम्हें यादें तड़पायेंगी!
मृत हो जायेगी यह देह,
चला जाऊँगा शान्त नगर में!
पकडकर तब तुम मेरा हाथ,
पुकारोगी मुझको स्वर में! 
नही अधूरी मंजिल से,
मैं लौट पाऊँगा!
तुमसे मैं तो दूर,
बहुत ही दूर चला जाऊँगा!
इक क्षण ऐसा भी आयेगा!
मम् अस्तित्व सिमट जायेगा!
तुम सवाँर लेना अपना कल!
नई योजना बुनना प्रतिपल!
यादें तो यादें होती है,
तब तुम यही समझना!
मुझ अदृश्य के लिए,
नही तुम कभी प्रार्थना करना!
ऐसा करते-करते इक दिन,
भूल मुझे जाओगी!
किन्तु अगर तुम याद करोगी,
दुःख बहुत पाओगी!!
Christina Rossetti
 
Christina Georgina Rossetti
जन्म: दिसम्बर, 1839  
मृत्यु: 29 दिसम्बर, 1884

17 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार (04-08-2013) के चर्चा मंच 1327 पर लिंक की गई है कृपया पधारें. सूचनार्थ

    उत्तर देंहटाएं
  2. सुन्दर प्रस्तुति-
    आभार आदरणीया-

    उत्तर देंहटाएं
  3. जाने वाले के साथ बहुत कुछ चला जाता है

    उत्तर देंहटाएं
  4. भावानुवाद सुन्दर बन पड़ा है साथ में मूल रचना भी होती। ॐ शान्ति (नहीं )

    उत्तर देंहटाएं
  5. संवेदात्मक कथ्य, सुन्दर भावानुवाद..

    उत्तर देंहटाएं
  6. बहुत सुन्दर काव्यानुवाद ...सादर

    उत्तर देंहटाएं

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