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गुरुवार, 8 अगस्त 2013

"तिरंगा बना देंगे हम चाँद-तारा" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)

अमन का चमन है वतन ये हमारा।
नही दानवों का यहाँ है गुजारा।।

खदेड़ा है गोरों को हमने यहाँ से,
लहू दान करके बगीचा सँवारा।

बजे चैन की वंशियाँ मन-सुमन में,
नही हमको हिंसा का आलम गवारा।

दिया पाक को देश का पाक हिस्सा,
अनुज के हकों को नही हमने मारा।

शुरू से सहा आज तक सह रहे हैं,
छोटा समझ कर दिया है सहारा।

दरियादिली बुजदिली मत समझना,
समझदार हो तो समझना इशारा।

हिदायत हमारी है सीमा न लाँघो,
मिटा देंगे पल भर में भूगोल सारा।

दिया "रूप" हमने, भरा रंग हमने, 
तिरंगा बना देंगे हम चाँद-तारा।

18 टिप्‍पणियां:

  1. अत्यन्त हर्ष के साथ सूचित कर रही हूँ कि
    आपकी इस बेहतरीन रचना की चर्चा शुक्रवार 09-08-2013 के .....मेरे लिए ईद का मतलब ग़ालिब का यह शेर होता है :चर्चा मंच 1332 .... पर भी होगी!
    सादर...!

    उत्तर देंहटाएं
  2. आपने लिखा....हमने पढ़ा....
    और लोग भी पढ़ें; ...इसलिए शनिवार 10/08/2013 को
    http://nayi-purani-halchal.blogspot.in
    पर लिंक की जाएगी.... आप भी देख लीजिएगा एक नज़र ....
    लिंक में आपका स्वागत है ..........धन्यवाद!

    उत्तर देंहटाएं
  3. हिदायत हमारी है सीमा न लाँघो,
    मिटा देंगे पल भर में भूगोल सारा।

    बहुत उम्दा ,,,

    RECENT POST : तस्वीर नही बदली

    उत्तर देंहटाएं
  4. दरियादिली बुजदिली मत समझना,
    समझदार हो तो समझना इशारा।

    हिदायत हमारी है सीमा न लाँघो,
    मिटा देंगे पल भर में भूगोल सारा।
    समझ के परे है यह छोटा भाई(?)

    सामयिक सटीक रचना ।

    उत्तर देंहटाएं
  5. आपकी यह उत्कृष्ट रचना दिनांक 09.08.2013 को http://blogprasaran.blogspot.in/ पर लिंक की गयी है। कृपया इसे देखें और अपने सुझाव दें।

    उत्तर देंहटाएं
  6. बहादुरी की बातें... बढ़िया हैं।
    सच्चाई तो कुछ यूँ है-

    वजीर-ए-हिफ़ाजत फिकर ना करेंगे
    हुआ क्या जो तुमने अभी पाँच मारा

    उत्तर देंहटाएं
  7. दुश्मनों को करारा जवाब देने के लिए ये उत्साह बना रहना बहुत जरुरी है

    उत्तर देंहटाएं
  8. आपकी इस ब्लॉग-प्रस्तुति को हिंदी ब्लॉगजगत की सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुतियाँ ( 6 अगस्त से 10 अगस्त, 2013 तक) में शामिल किया गया है। सादर …. आभार।।

    कृपया "ब्लॉग - चिठ्ठा" के फेसबुक पेज को भी लाइक करें :- ब्लॉग - चिठ्ठा

    उत्तर देंहटाएं
  9. '..नही दानवों का यहाँ है गुजारा.'
    - कितना अच्छा हो निकाल बाहर करें !

    उत्तर देंहटाएं

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