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रविवार, 3 नवंबर 2013

"1901वाँ पुष्प-आज हारी है अमावस" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

दीप खुशियों के जलाओ, आ रही दीपावली।
रौशनी से जगमगाती, भा रही दीपावली।।

क्या करेगा तम वहाँ, होंगे अगर नन्हें दिये,
चाँद-तारों को करीने से, अगर रौशन किये,
हार जायेगी अमावस, छा रही दीपावली।

नित्य घर में नेह के, दीपक जलाना चाहिए,
उत्सवों को हर्ष से, हमको मनाना चाहिए,
पथ हमें प्रकाश का, दिखला रही दीपावली।

शायरों को शम्मा से, कवियों को दीपक से लगाव,
महकते मिष्ठान से, होता सभी को है लगाव,
गीत-ग़ज़लों का तराना, गा रही दीपावली।

गजानन के साथ, लक्ष्मी-शारदा की वन्दना,
देवताओं के लिए अब, द्वार करना बन्द ना,
मन्त्र को उत्कर्ष के, सिखला रही दीपावली। 

11 टिप्‍पणियां:

  1. आप को पावन पर्व दिवाली की ढेरों शुभकामनाएं...
    आप की ये सुंदर रचना आने वाले सौमवार यानी 04/11/2013 को नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही है... आप भी इस हलचल में सादर आमंत्रित है...
    सूचनार्थ।



    धरा मानव से कह रही है...
    दोनों ओर प्रेम पलता है...

    उत्तर देंहटाएं
  2. सुंदर रचना.

    दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं.

    रामराम.

    उत्तर देंहटाएं
  3. 1901 वें सुंदर पुष्प की बधाई !
    दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ !

    उत्तर देंहटाएं
  4. काश
    जला पाती एक दीप ऐसा
    जो सबका विवेक हो जाता रौशन
    और
    सार्थकता पा जाता दीपोत्सव
    दीपपर्व सभी के लिये मंगलमय हो …

    उत्तर देंहटाएं
  5. क्या बात! वाह! फिर आई दीवाली
    आपको दीपावली की ढेर सारी हार्दिक शुभकामनाएं

    उत्तर देंहटाएं
  6. दीपावली की हार्दिक मंगल कामनाएं

    उत्तर देंहटाएं
  7. पाव पाव दीपावली, शुभकामना अनेक |
    वली-वलीमुख अवध में, सबके प्रभु तो एक |
    सब के प्रभु तो एक, उन्हीं का चलता सिक्का |
    कई पावली किन्तु, स्वयं को कहते इक्का |
    जाओ उनसे चेत, बनो मत मूर्ख गावदी |
    रविकर दिया सँदेश, मिठाई पाव पाव दी ||

    वली-वलीमुख = राम जी / हनुमान जी
    पावली=चवन्नी

    गावदी = मूर्ख / अबोध

    उत्तर देंहटाएं
  8. गजानन के साथ, लक्ष्मी-शारदा की वन्दना,
    देवताओं के लिए अब, द्वार करना बन्द ना,
    मन्त्र को उत्कर्ष के, सिखला रही दीपावली।

    दीप शुभ भावना के जगा रही दीपावली। सुंदर रचना।

    उत्तर देंहटाएं
  9. बहुत ही सुंदर प्रस्तुति !
    दीपावली पर्व की हार्दिक शुभकामनाए...!
    ===========================
    RECENT POST -: दीप जलायें .

    उत्तर देंहटाएं
  10. नमस्कार !
    आपकी इस प्रस्तुति की चर्चा कल सोमवार [4.11.2013]
    चर्चामंच 1419 पर
    कृपया पधार कर अनुग्रहित करें |
    सादर
    सरिता भाटिया

    उत्तर देंहटाएं

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