"उच्चारण" 1996 से समाचारपत्र पंजीयक, भारत सरकार नई-दिल्ली द्वारा पंजीकृत है। यहाँ प्रकाशित किसी भी सामग्री को ब्लॉग स्वामी की अनुमति के बिना किसी भी रूप में प्रयोग करना© कॉपीराइट एक्ट का उलंघन माना जायेगा।

मित्रों!

आपको जानकर हर्ष होगा कि आप सभी काव्यमनीषियों के लिए छन्दविधा को सीखने और सिखाने के लिए हमने सृजन मंच ऑनलाइन का एक छोटा सा प्रयास किया है।

कृपया इस मंच में योगदान करने के लिएRoopchandrashastri@gmail.com पर मेल भेज कर कृतार्थ करें। रूप में आमन्त्रित कर दिया जायेगा। सादर...!

और हाँ..एक खुशखबरी और है...आप सबके लिए “आपका ब्लॉग” तैयार है। यहाँ आप अपनी किसी भी विधा की कृति (जैसे- अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कर सकते हैं।

बस आपको मुझे मेरे ई-मेल roopchandrashastri@gmail.com पर एक मेल करना होगा। मैं आपको “आपका ब्लॉग” पर लेखक के रूप में आमन्त्रित कर दूँगा। आप मेल स्वीकार कीजिए और अपनी अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कीजिए।

यह ब्लॉग खोजें

समर्थक

रविवार, 23 मार्च 2014

"ग़ज़ल-गुलशन मुस्काया है" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')



अदब को भुलाया है, मन को भटकाया है!
धुंधलका छाया है, नया गीत आया है!!

बिम्ब नये व्यथा वही, पात्र नये कथा वही,
रबड़-छन्द भाया है! नया गीत आया है!!

सुबह वही शाम वही, श्याम वही राम वही,
माथा चकराया है! नया गीत आया है!!

महकी सुगन्ध वही, माटी की गन्ध वही,
थाल नव सजाया है! नया गीत आया है!!

सूखा आषाढ़ है, बेमौसम बाढ़ है,
बादल गहराया है!, नया गीत आया है!!

छाँव वही धूप वही, दुल्हिन का “रूप” वही,
गुलशन मुस्काया है! नया गीत आया है!!

8 टिप्‍पणियां:

  1. मित्रहोली की हार्दिक वधाई ! नई बेतुकी असारगर्भित और राहित्यिक रचनाधर्मिता पर अच्छा व्यंग्य है-
    अदब को भुलाया है, मन को भटकाया है!
    धुंधलका छाया है, नया गीत आया है!!

    बिम्ब नये व्यथा वही, पात्र नये कथा वही,
    रबड़-छन्द भाया है! नया गीत आया है!!

    उत्तर देंहटाएं
  2. आपकी बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति
    --
    आपकी इस अभिव्यक्ति की चर्चा कल सोमवार (24-03-2014) को ''लेख़न की अलग अलग विद्याएँ'' (चर्चा मंच-1561) पर भी होगी!
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर…!

    उत्तर देंहटाएं
  3. लाजवाब गीत आया है ... मन को लुभाने वाला गीत ...

    उत्तर देंहटाएं
  4. सुन्दर बयार है गज़ल की मौसम पे खुमार छाया है ,

    गज़ल का मौसम छाया है ,चर्चा ने हड़काया है।

    उत्तर देंहटाएं

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथासम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails