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बुधवार, 5 मार्च 2014

"जन्मदिन पर आज कुछ उपहार दूँगा" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

आज मेरे पौत्र "प्राञ्जल" के
जन्मदिन की 15वीं वर्षगाँठ है।
जन्मदिन पर आज कुछ उपहार दूँगा।
हृदय से निकले हुए उद्गार दूँगा।।

उन्नति की राह पर बढ़ते रहो तुम,
नित्य नवसोपान पर चढ़ते रहो तुम,
ज्ञानवर्धक पोथियाँ पढ़ते रहो तुम,
गर भटक जाओ कभी मझधार में,
पार करने को तुम्हें पतवार दूँगा।
 हृदय से निकले हुए उद्गार दूँगा।।

काम से अपने कभी मत जी चुराना,
प्यार का वातावरण घर में बनाना,
चापलूसों को कभी मत मुँह लगाना,
लक्ष्य से अपने भटकना मत कभी,
सभ्यता का मैं तुम्हें आधार दूँगा।
हृदय से निकले हुए उद्गार दूँगा।।

दीप बनकर बाँटना सबको उजाला,
सदन होता है हमेशा पाठशाला,
सुमन से अपने बनाना मंजुमाला,
मत लगाना गलत सुर संगीत में,
मनुहार के बदले तुम्हें में प्यार दूँगा।
हृदय से निकले हुए उद्गार दूँगा।।

आज घर-परिवार में खुशियाँ समायी,
जन्मदिन की प्राञ्जल तुमको बधायी,
प्रेम से खाओ खुशी की तुम मिठायी,
नाम कुल का तुम बढ़ाना विश्व में,
मैं तुम्हें आशीष बारम्बार दूँगा।
हृदय से निकले हुए उद्गार दूँगा।।

11 टिप्‍पणियां:

  1. जन्म दिवस कि ढेरों शुभकामनायें-
    यशस्वी भव--
    सुन्दर प्रस्तुति-
    आभार आदरणीय-

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत सुन्दर आशीर्वाद...जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें और आशीष....

    उत्तर देंहटाएं
  3. प्रिय प्रांजल को जन्मदिन की ढेर सारी बधाई।


    सादर

    उत्तर देंहटाएं
  4. प्रांजल को जन्मदिन पर ढेर सारी बधाई शुभकामनाऐं और आशीर्वाद ।

    उत्तर देंहटाएं
  5. गुरु जी प्रणाम
    प्रांजल को आशीर्वाद एवं बधाई

    उत्तर देंहटाएं
  6. प्राञ्जल को ढेरों शुभकामनायें।

    उत्तर देंहटाएं
  7. आपका यह उपहार बहुत अनमोल लगा....प्रांजल को जन्मदिन पर हमारी ओर से ढेर सारी बधाई और शुभकामनाएं।
    सारिका मुकेश

    उत्तर देंहटाएं
  8. बहुत सुन्दर उदगार उद्भावना आशीष

    उन्नति की राह पर बढ़ते रहो तुम,
    नित्य नवसोपान पर चढ़ते रहो तुम,
    ज्ञानवर्धक पोथियाँ पढ़ते रहो तुम,
    गर भटक जाओ कभी मझधार में,
    पार करने को तुम्हें पतवार दूँगा।
    हृदय से निकले हुए उद्गार दूँगा।।

    उत्तर देंहटाएं
  9. प्रांजल को जन्मदिन की ढेर सारी बधाई।

    उत्तर देंहटाएं
  10. जन्मदिन की ढेर सारी बधाई।
    होली की हार्दिक बधाई।

    उत्तर देंहटाएं

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