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सोमवार, 19 दिसंबर 2016

"मेहमान कुछ दिन का ये साल है" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

पड़ने वाले नये साल के हैं कदम!
स्वागतम्! स्वागतम्!! स्वागतम्!!!

कोई खुशहाल है. कोई बेहाल है,

अब तो मेहमान कुछ दिन का ये साल है,
ले के आयेगा नव-वर्ष चैनो-अमन!
स्वागतम्! स्वागतम्!! स्वागतम्!!!

रौशनी देगा तब अंशुमाली धवल,

ज़र्द चेहरों पे छायेगी लाली नवल,
मुस्कुरायेंगे गुलशन में सारे सुमन!
स्वागतम्! स्वागतम्!! स्वागतम्!!!

धन से मुट्ठी रहेंगी न खाली कभी,

अब न फीकी रहेंगी दिवाली कभी.
मस्तियाँ साथ लायेगा चंचल पवन!
स्वागतम्! स्वागतम्!! स्वागतम्!!!

1 टिप्पणी:

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