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गुरुवार, 19 जुलाई 2018

निन्दा प्रस्ताव "स्वामी अग्निवेश जी पर जानलेवा हमला"

आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान
स्वामी अग्निवेश जी पर जानलेवा हमला
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      झारखण्ड प्रदेश में जय श्री राम का नारा लगाने वाले कथित स्वयं सेवकों और भा.ज.पा. के कथित कार्यकर्ताओं ने भीड़ के साथ सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान स्वामी अग्निवेश जी पर जानलेवा हमला किया है। मैं इसकी भर्तस्ना करता हूँ।
      मैं राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक श्री मोहन भागवत तथा भा.ज.पा. के  राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह जी से माँग करता हूँ कि वह अपनी नीति को स्पष्ट करें या जय श्री राम का नारा लगाने वाले इन कथित स्वयं सेवकों और भा.ज.पा. के कथित कार्यकर्ताओं को अपने संगठन से निकाल बाहर करें।
         इस प्रकार के ओछे और कायराना आचरण से आप हिन्दुत्व बदनाम बदनाम हो रहा है। इससे बढ़कर कायरता क्या होगी कि एक 80 साल के निहत्थे संन्यासी पर कोई भीड़ टूट पड़े ? उसे डंडे और पत्थरों से मारे ? उसके कपड़े फाड़ डाले, उसकी पगड़ी खोल दे, उसे जमीन पर पटक दे ?
       स्वामी अग्निवेश तेलुगुभाषी परिवार की संतान हैं और हिंदी के कट्टर समर्थक हैं। महर्षि दयानंद के वे अनन्य भक्त हैं और कट्टर आर्यसमाजी हैं। वे संन्यास लेने के पहले कलकत्ते में प्रोफेसर थे। वे एक अत्यंत सम्पन्न और सुशिक्षित परिवार के बेटे होने के बावजूद संन्यासी बने। उन्हें पाकिस्तान का एजेंट कहना और गोमांस-भक्षण का समर्थक कहना किसी पाप से कम नहीं है।
       उत्तराखण्ड के समस्त आर्य परिवारों की ओर से मैं इस घटना की निन्दा करता हूँ।
डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक


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