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मंगलवार, 21 अप्रैल 2020

दोहे "कविता का संयोग" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

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कविता क्या है?
कविता साहित्य की वह विधा है, जिसमें मनोभावों को गेयता और कलात्मक रूप में किसी भाषा के द्वारा अभिव्यक्त किया जाता है।
अर्थात् कविता का शाब्दिक अर्थ है – काव्यात्मक रचना या कवि की कृति जो छन्दों की श्रंखलाओं में विधिधिवत बाँधी गयी हो।
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शब्दकोश-श्रम से बने, कविता का संयोग।
फोकट में सब चाहते, पाना मोहनभोग।।
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जिनको छन्दविधान की, कुछ भी नहीं तमीज।
वो भी अब लिखने लगे, कविता जैसी चीज।।
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कारण हैं वो कौन से, हों जिनसे अनुरक्त।
बिना साधना के नहीं, होता कोई भक्त।।
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दोष भाग्य को दे रहे, बिना किये तदवीर।
मरुथल में मिलता नहीं, दूर-दूर तक नीर।।
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सीधी-सच्ची बात को, कहने में क्या शर्म।
गद्य-पद्य का भेद का, समझ लीजिए मर्म।।
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जिसमें होती गेयता, वो कहलाते गीत।
सुर-लय के ही साथ है, साज और संगीत।।
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कविता रचने के लिए, रखना होगा ध्यान।
उपमाओं के साथ में, अच्छे हों उपमान।।
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2 टिप्‍पणियां:

  1. सच कठिन साधना का नाम है कविता
    उम्दा प्रस्तुति

    जवाब देंहटाएं
  2. आपकी इस प्रस्तुति का लिंक चर्चा मंच पर चर्चा - 3680 में दिया जाएगा। आपकी उपस्थिति मंच की शोभा बढ़ाएगी।

    धन्यवाद

    दिलबागसिंह विर्क

    जवाब देंहटाएं

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