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शुक्रवार, 18 दिसंबर 2020

गीत "श्वाँसों की सरगम की धारा" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

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कल-कल, छल-छल करती गंगा,
मस्त चाल से बहती है।
श्वाँसों की सरगम की धारा,
यही कहानी कहती है।।
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हो जाता निष्प्राण कलेवर,
जब धड़कन थम जाती हैं।
सड़ जाता जलधाम सरोवर,
जब लहरें थक जाती हैं।
चरैवेति के बीज मन्त्र को,
पुस्तक-पोथी कहती है।
श्वाँसों की सरगम की धारा,
यही कहानी कहती है।।
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हरे वृक्ष की शाखाएँ ही,
झूम-झूम लहरातीं हैं।
सूखी हुई डालियों से तो,
हवा नहीं आ पाती है।
जो हिलती-डुलती रहती है,
वही थपेड़े सहती है।
श्वाँसों की सरगम की धारा,
यही कहानी कहती है।।
--
काम अधिक हैं थोड़ा जीवन,
झंझावात बहुत फैले हैं।
नहीं हमेशा खिलता गुलशन,
रोज नहीं लगते मेले हैं।
सुख-दुख की आवाजाही तो,
सदा संग में रहती है।
श्वाँसों की सरगम की धारा,
यही कहानी कहती है।। 
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14 टिप्‍पणियां:

  1. जी नमस्ते ,
    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार (१९-१२-२०२०) को 'कुछ रूठ गए कुछ छूट गए ' (चर्चा अंक- ३९२०) पर भी होगी।
    आप भी सादर आमंत्रित है
    --
    अनीता सैनी

    जवाब देंहटाएं
  2. बहुत ही अर्थपूर्ण और सशक्त कविता..। आपको मेरा अभिवादन..।

    जवाब देंहटाएं
  3. जीवन रवानगी जरुरी है, रुक गए तो फिर चल नहीं सकते कभी
    बहुत सुन्दर

    जवाब देंहटाएं
  4. जीवन की गति को दर्शाता सशक्त गीत ।

    जवाब देंहटाएं
  5. आदरणीय, आपने तो ज़िन्दगी के मर्म को इस तरह गीत में पिरोया है कि गीत गुनगुनाते हुए ज़िन्दगी को गुनगुनाने का अहसास हुआ.... बहुत सुंदर और हृदयस्पर्शी गीत।
    बधाई एवं शुभकामनाओं सहित
    सादर नमन,
    डॉ. वर्षा सिंह

    जवाब देंहटाएं
  6. काम अधिक हैं थोड़ा जीवन,
    झंझावात बहुत फैले हैं।
    नहीं हमेशा खिलता गुलशन,
    रोज नहीं लगते मेले हैं।
    सुख-दुख की आवाजाही तो,
    सदा संग में रहती है।
    श्वाँसों की सरगम की धारा,
    यही कहानी कहती है।।

    जीवन के यथार्थ का समग्र निचोड़ है आपकी इस रचना में....
    सादर नमन 🙏

    जवाब देंहटाएं
  7. जीवन धारा का मनमोहक चित्र

    जवाब देंहटाएं
  8. काम अधिक हैं थोड़ा जीवन,
    झंझावात बहुत फैले हैं।
    नहीं हमेशा खिलता गुलशन,
    रोज नहीं लगते मेले हैं।


    सुन्दर गीत...

    जवाब देंहटाएं
  9. बहुत ही सुंदर सृजन सर,सादर नमस्कार

    जवाब देंहटाएं
  10. वाह बहुत सुंदर जीवन की शाश्र्वत छवि उकेरी है आदरणीय ्््््
    सार्थक अभिव्यक्ति।

    जवाब देंहटाएं

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