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शुक्रवार, 25 दिसंबर 2020

दोहे "नमन हजारों बार" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

देशभक्ति-दलभक्ति के, संगम थे अभिराम।
अमर रहेगा जगत में, अटल आपका नाम।।
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अटल बिहारी की नहीं, मिलती कहीं मिसाल।
जन्मदिवस उस लाल का, जिसने किया कमाल।।
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कथनी-करनी में अटल, सदा रहे अनुरक्त।
शब्दों से अलमस्त थे, धन से बड़े विरक्त।।
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अटल बिहारी हों भले, चिर निद्रा में लीन।
पुनर्जन्म लेंगे यहाँ, सबको यही यकीन।।
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आने-जाने के नहीं, नियत दिवस-तारीख।
अटल बिहारी दे गये, सारे जग को सीख।।
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अटल आपका कर रहा, देश आज गुणगान।
हिन्दी-हिन्दुस्थान का, सदा बढ़ाया मान।
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देशवासियों के लिए, क्रिसमस का उपहार।
अटल बिहारी आपको, नमन हजारों बार।।

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5 टिप्‍पणियां:

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