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मंगलवार, 18 फ़रवरी 2014

"दे रहा मधुमास दस्तक" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')


सुमन पुलकित हो रहा अभिनव नवल शृंगार भर।
दे रहा मधुमास दस्तक है हृदय के द्वार पर।।

भ्रमर की गुञ्जार गुन-गुन गान है गाने लगी,
तितलियों की फड़फड़ाहट कान में आने लगी,
छा गया है रंग मधुवन में बसन्ती रूप धर।
दे रहा मधुमास दस्तक है हृदय के द्वार पर।।

फूलती खेतों में सरसों आम बौराने लगे,
जुगलबन्दी छेड़कर, प्रेमी युगल गाने लगे,
चहकते प्यारे परिन्दे, दुर्ग की दीवार पर।
दे रहा मधुमास दस्तक है हृदय के द्वार पर।।

दुःख की बदली छँटीसूरज उगा विश्वास का,
जल रहा दीपक दिलों मे स्नेह ले उल्लास का,
ज्वर चढ़ा, पारा बढ़ा है प्यार के संसार पर।
दे रहा मधुमास दस्तक है हृदय के द्वार पर।।

11 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी लिखी रचना बुधवार 19/02/2014 को लिंक की जाएगी...............
    http://nayi-purani-halchal.blogspot.in
    आप भी आइएगा ....धन्यवाद!

    उत्तर देंहटाएं
  2. आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति बुधवारीय चर्चा मंच पर ।।

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत ही सुन्दर और सार्थक अभिव्यक्ति।

    उत्तर देंहटाएं
  4. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

    उत्तर देंहटाएं
  5. बंद दरे दिल पर, प्यार की दस्तक |
    लगता है यार की मिलेगी सोहबत !!

    उत्तर देंहटाएं
  6. सुमन पुलकित हो रहा अभिनव नवल शृंगार भर।
    दे रहा मधुमास दस्तक है हृदय के द्वार पर।।
    बहुत सुन्दर मुखड़ा है :

    सुमन पुलकित हो रहा अभिनव नवल शृंगार भर।
    दे रहा मधुमास दस्तक है हृदय के द्वार पर।।

    उत्तर देंहटाएं
  7. बहुत सुन्दर मुखड़ा है :

    सुमन पुलकित हो रहा अभिनव नवल शृंगार भर।
    दे रहा मधुमास दस्तक है हृदय के द्वार पर।।
    पूरी रचना लाज़वाब :

    फूलती खेतों में सरसों आम बौराने लगे,
    जुगलबन्दी छेड़कर, प्रेमी युगल गाने लगे,
    चहकते प्यारे परिन्दे, दुर्ग की दीवार पर।
    दे रहा मधुमास दस्तक है हृदय के द्वार पर।।

    उत्तर देंहटाएं

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