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अब अपना कश्मीर है, भारत की पहचान।।
नहीं चलेंगे देश में, दो-दो आज निशान।।
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झेल रहा था देश जो, दशकों से आतंक।
नमो-नमो ने देश से, वो धो दिया कलंक।।
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लहरायेगा तिरंगा, दिखलायेगा शान।
पूरे भारतवर्ष में, होगा एक विधान।।
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घाटी में कोई नहीं, अब होगा लाचार।
बसने का कश्मीर में, मिला आज अधिकार।।
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समय नहीं अब दूर है, छीनेंगे जागीर।
कब्जे में जो पाक के, लेगें वो कश्मीर।।
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मोदी जी ने रच दिया, नया एक इतिहास।
केशर-क्यारी में नहीं, अब है कोई खास।।
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आजादी के बाद में, मिला हमें उपहार।
दोनों सदनों में गये, सभी विपक्षी हार।।
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पर अभी भी कुछ अवसरवादी छाती कूट रहे हैं
जवाब देंहटाएंशानदार दोहे सर..बहुत अच्छा।
जवाब देंहटाएंमेरे तरफ से भी बहुत-बहुत बधाई आपको। अभी के जश्न को परिभाषित करती रचना।
जवाब देंहटाएंशानदार समसामयिक दोहे...
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