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बुधवार, 14 अक्तूबर 2009

"दिवाली आ गयी है" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

!! शुभ-दीपावली !!

तम अमावस का मिटाने को दिवाली आ गयी है।
दीपकों की रोशनी सबके दिलों को भा गयी है।।


जगमगाते खूबसूरत लग रहे नन्हें दिये,
लग रहा जैसे सितारे हों धरा पर आ गये,
झोंपड़ी महलों के जैसी मुस्कराहट पा गयी है।
दीपकों की रोशनी सबके दिलों को भा गयी है।।


भवन की दीवार को बेनूर बारिश ने करा था,
गाँव के कच्चे घरों का नूर भी इसने हरा था,
रंग-लेपन से सभी में अब सजावट छा गयी है।
दीपकों की रोशनी सबके दिलों को भा गयी है।।


छँट गया सारा अन्धेरा पास और परिवेश का,
किन्तु भीतरघात से बदहाल भारत देश का,
प्यार जैसे शब्द को भी तो दिखावट खा गयी है।
दीपकों की रोशनी सबके दिलों को भा गयी है।।


19 टिप्‍पणियां:

  1. जगमगाते खूबसूरत लग रहे नन्हें दिये,
    लग रहा जैसे सितारे हों धरा पर आ गये,
    झोंपड़ी महलों के जैसी मुस्कराहट पा गयी है।


    waah.........bahut hi adbhut soch.........bahut hi dil ko choo lene wali abhivyakti.

    deepawali ki hardik shubhkamnayein.

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत अच्छा लगा. धन्यवाद
    आप को ओर आप के परिवार को दीपावली की शुभ कामनायें

    उत्तर देंहटाएं
  3. किन्तु भीतरघात से बदहाल भारत देश का,
    कमोबेश यही हाल है देश का. दिवाली के अवसर पर सुन्दर रचना
    दिवाली की शुभकामनाएँ

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत सुन्दर और आप को भी ढेरो सुभकामनाए दीपावली की , शास्त्री जी !

    उत्तर देंहटाएं
  5. छँट गया सारा अन्धेरा पास और परिवेश का,
    किन्तु भीतरघात से बदहाल भारत देश का,
    प्यार जैसे शब्द को भी तो दिखावट खा गयी है।
    दीपकों की रोशनी सबके दिलों को भा गयी है।।


    bahut khoob...........


    aapko deepawali ki bahut bahut shubhkaamnaayen...........

    उत्तर देंहटाएं
  6. जगमगाते खूबसूरत लग रहे नन्हें दिये,
    लग रहा जैसे सितारे हों धरा पर आ गये,
    झोंपड़ी महलों के जैसी मुस्कराहट पा गयी है।
    दीपकों की रोशनी सबके दिलों को भा गयी है।।

    सुन्दर कविता शास्त्री जी

    उत्तर देंहटाएं
  7. शास्त्री जी,
    सुन्दर कविता है।


    आपको और आपके परिवार को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं !

    उत्तर देंहटाएं
  8. दीवाली आ गयी,
    और आपकी लिखी यह खूबसूरत गीत हमें भा गयी,
    दियों के उजाले में जग का समस्त अंधकार मिट जाए,आपको दीवाली की बहुत बहुत शुभकामनाएँ,

    उत्तर देंहटाएं
  9. छँट गया सारा अन्धेरा पास और परिवेश का,
    किन्तु भीतरघात से बदहाल भारत देश का,
    प्यार जैसे शब्द को भी तो दिखावट खा गयी है।
    दीपकों की रोशनी सबके दिलों को भा गयी है।।

    बहुत खूब्!!
    आपको सपरिवार दीपावली की हार्दिक शुभकामनाऎं!!!

    उत्तर देंहटाएं
  10. अत्यन्त सुन्दर भाव ..........
    शानदार कविता।
    अभिनन्दन !

    उत्तर देंहटाएं
  11. दिवाली आ गई है । आपको बधाई व शुभकामनायें ।

    उत्तर देंहटाएं
  12. बेहतरीन!!

    आप को ओर आप के परिवार को दीपावली की शुभ कामनायें...

    उत्तर देंहटाएं
  13. सुन्दर रचना
    आपको और आपके परिवारजनों को दीपावली पर्व की हार्दिक शुभकामना .

    उत्तर देंहटाएं
  14. दीवाली आपके और घर पर सभी के लिए मंगलमयी हो...

    जय हिंद...

    उत्तर देंहटाएं
  15. आप को और आपके पूरे परिवार को पर्व की मंगलकामनाएं।

    उत्तर देंहटाएं
  16. झोंपड़ी महलों के जैसी मुस्कराहट पा गयी है।
    दीपकों की रोशनी सबके दिलों को भा गयी है।।

    बहुत ही सुन्‍दर भावमय शब्‍दों का संयोजन आपके साथ -साथ पूरे परिवार को दीपावली की शुभकामनाएं ।

    उत्तर देंहटाएं
  17. आपको और आपके परिवार को दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें !

    उत्तर देंहटाएं

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