"उच्चारण" 1996 से समाचारपत्र पंजीयक, भारत सरकार नई-दिल्ली द्वारा पंजीकृत है। यहाँ प्रकाशित किसी भी सामग्री को ब्लॉग स्वामी की अनुमति के बिना किसी भी रूप में प्रयोग करना© कॉपीराइट एक्ट का उलंघन माना जायेगा।

मित्रों!

आपको जानकर हर्ष होगा कि आप सभी काव्यमनीषियों के लिए छन्दविधा को सीखने और सिखाने के लिए हमने सृजन मंच ऑनलाइन का एक छोटा सा प्रयास किया है।

कृपया इस मंच में योगदान करने के लिएRoopchandrashastri@gmail.com पर मेल भेज कर कृतार्थ करें। रूप में आमन्त्रित कर दिया जायेगा। सादर...!

और हाँ..एक खुशखबरी और है...आप सबके लिए “आपका ब्लॉग” तैयार है। यहाँ आप अपनी किसी भी विधा की कृति (जैसे- अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कर सकते हैं।

बस आपको मुझे मेरे ई-मेल roopchandrashastri@gmail.com पर एक मेल करना होगा। मैं आपको “आपका ब्लॉग” पर लेखक के रूप में आमन्त्रित कर दूँगा। आप मेल स्वीकार कीजिए और अपनी अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कीजिए।

समर्थक

गुरुवार, 19 मार्च 2020

ग़ज़ल "माँग छोटे आशियानों की" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

--
दरक़ती जा रही हैं नींवअब पुख़्ता ठिकानों की
तभी तो बढ़ गयी है माँग छोटे आशियानों की
--
जिन्हें वो देखते कलतकहिक़ारत की नज़र से थे
उन्हीं के शीश पर छतछा रहे हैं शामियानों की
--
बहुत अभिमान था उनकोकबीलों की विरासत पर
हुई हालत बहुत खस्ताघमण्डी खानदानों की
--
सियासत के समर में मिट गयाअभिमान दल-बल का
अखाड़े में धुलाई हो गयीजब पहलवानों की
--
लगा झटका-बढ़ा खटकाखनककर आइना चटका
बग़ावत कर रहीं अब पगड़ियाँदस्तारखानों की
--
जगा है आम जब सेखास को होने लगी चिन्ता
अचानक आ गयी है यादमज़लूमों-किसानों की
--
सलाखों का समाया डरलगे अब काँपने थर-थर,
उज़ाग़र ख़ामियाँ जब हो गयींइन बे-ईमानों की
--
विदेशी बैंक में जाकरछिपाया देश के धन को
खुलेगी पोल-पट्टी अबशरीफों के घरानों की
--
सियासी गिरगिटों के रूप” कीपहचान करने को
निकल आयीं सड़क पर टोलियाँअब नौजवानों की
--

6 टिप्‍पणियां:

  1. जी नमस्ते,
    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा शुक्रवार (20-03-2020) को महामारी से महायुद्ध ( चर्चाअंक - 3646 ) पर भी होगी।
    आप भी सादर आमंत्रित हैं।
    *****
    आँचल पाण्डेय

    जवाब देंहटाएं
  2. बहुत सुंदर गज़ल आदरणीय सर।
    बहुत खूब लिखा आपने।
    सादर प्रणाम 🙏

    जवाब देंहटाएं
  3. बहुत अच्छी प्रस्तुति

    Mere blog par aapka swagat hai.....

    जवाब देंहटाएं
  4. आपकी लिखी रचना ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" सोमवार 08 जून 2020 को साझा की गयी है......... पाँच लिंकों का आनन्द पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

    जवाब देंहटाएं

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथासम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails