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बुधवार, 13 मार्च 2013

"तुमसे ही अस्तित्व हमारा" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

रौनक घर की तुमसे ही है,
तुमसे ही अस्तित्व हमारा।
धन्य हुआ है जीवन अपना,
पा करके अपनत्व तुम्हारा।।

खनक रहे हैं बर्तन सारे,
चहक रही है भोजनशाला।
भाँति-भाति के पकवानों से,
महक रही अवगुंठित माला।
रोटी-दाल-भात सबमें ही,
रचा-बसा अमृत्व तुम्हारा।
धन्य हुआ है जीवन अपना,
पा करके अपनत्व तुम्हारा।।

तुमसे ही जग अच्छा लगता,
तुमसे ही है दुनियादारी।
तुमसे ही फल-फूल रही है,
वंश-बेल की ये फुलवारी।
धन्य हुए हैं बेटे-पोते,
पाकर के मातृत्व तुम्हारा।
धन्य हुआ है जीवन अपना,
पा करके अपनत्व तुम्हारा।।

चाहे आलीशान भवन हो,
लेकिन घर है घरवाली से।
उपवन तो सुरभित होता है,
केवल उपवन के माली से।
रमा हुआ घर की माटी के,
कण-कण में है तत्व तुम्हारा।
धन्य हुआ है जीवन अपना,
पा करके अपनत्व तुम्हारा।।

19 टिप्‍पणियां:

  1. हकीकत को सुन्दर भाव दिए है आपने !!
    आभार आदरणीय !!

    उत्तर देंहटाएं
  2. तुमसे ही जग अच्छा लगता,
    तुमसे ही है दुनियादारी।
    तुमसे ही फल-फूल रही है,
    वंश-बेल की ये फुलवारी..

    सच लिखा है शास्त्री जी ... जब घरवाली नहीं तो दुनिया कहाँ ... उन्ही से सब कुछ है ...

    उत्तर देंहटाएं
  3. तुमसे ही जग अच्छा लगता,
    तुमसे ही है दुनियादारी।
    तुमसे ही फल-फूल रही है,
    वंश-बेल की ये फुलवारी।
    ,,,बहुत उम्दा जीवन की यही सच्चाई है,,,,

    Recent post: होरी नही सुहाय,

    उत्तर देंहटाएं
  4. प्यार भरी कविता, मधुरता ऐसे ही बनी रहे।

    उत्तर देंहटाएं
  5. बिल्कुल सटीक चित्रण किया है।

    उत्तर देंहटाएं
  6. बहुत सुंदर .बेह्तरीन अभिव्यक्ति .शुभकामनायें.

    उत्तर देंहटाएं
  7. जीवन कि सच्ची गाथा गुरु जी वाह
    अगर सच में इसे अपनाया जाए तो

    उत्तर देंहटाएं
  8. जीवन साथी का हमेशा साथ हो तो जीवन सुखमय हो जाता है.बहुत ही सटीक चित्रण,आभार आदरणीय.

    उत्तर देंहटाएं
  9. मनभावन प्रस्तुति-

    आभार आदरणीय-

    उत्तर देंहटाएं
  10. बहुत सही लिखा, दोनों के साथ से ही संसार सुखी बनता है.

    रामराम

    उत्तर देंहटाएं
  11. बहुत बढ़िया ! अगर आज आपकी शादी की सालगिरह है तो मेरी और से आपको और मिसेज शास्त्री जी को हार्दिक शुभ कामनाये !

    उत्तर देंहटाएं
  12. बहुत ही सुन्दर प्रेमपूर्ण रचना..
    वाह....
    :-)

    उत्तर देंहटाएं
  13. भाई गोदियाल जी!
    आज तो 13 मार्च है!
    हमारी शादी की सालगिरह तो 5 दिसम्बर को होती है!

    उत्तर देंहटाएं
  14. बहुत सुंदर! ये प्रेम यूँ ही सदा बना रहे.... :-)
    ~सादर!!!

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  15. बहुत सुंदर कविता ...आपका स्नेह साथ बना रहे

    उत्तर देंहटाएं
  16. आप दोनों का प्रेम हमेशा यूं ही बना रहे।

    उत्तर देंहटाएं
  17. शुभकामनायें..बहुत सुंदर समपर्ण गीत !

    उत्तर देंहटाएं

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