"उच्चारण" 1996 से समाचारपत्र पंजीयक, भारत सरकार नई-दिल्ली द्वारा पंजीकृत है। यहाँ प्रकाशित किसी भी सामग्री को ब्लॉग स्वामी की अनुमति के बिना किसी भी रूप में प्रयोग करना© कॉपीराइट एक्ट का उलंघन माना जायेगा।

मित्रों!

आपको जानकर हर्ष होगा कि आप सभी काव्यमनीषियों के लिए छन्दविधा को सीखने और सिखाने के लिए हमने सृजन मंच ऑनलाइन का एक छोटा सा प्रयास किया है।

कृपया इस मंच में योगदान करने के लिएRoopchandrashastri@gmail.com पर मेल भेज कर कृतार्थ करें। रूप में आमन्त्रित कर दिया जायेगा। सादर...!

और हाँ..एक खुशखबरी और है...आप सबके लिए “आपका ब्लॉग” तैयार है। यहाँ आप अपनी किसी भी विधा की कृति (जैसे- अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कर सकते हैं।

बस आपको मुझे मेरे ई-मेल roopchandrashastri@gmail.com पर एक मेल करना होगा। मैं आपको “आपका ब्लॉग” पर लेखक के रूप में आमन्त्रित कर दूँगा। आप मेल स्वीकार कीजिए और अपनी अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कीजिए।

यह ब्लॉग खोजें

समर्थक

गुरुवार, 21 मार्च 2013

"चलो होली खेलेंगे" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')


आई बसन्त-बहार, चलो होली खेलेंगे!!
रंगों का है त्यौहार, चलो होली खेलेंगे!!

बागों में कुहु-कुहु बोले कोयलिया,
धरती ने धारी है, धानी चुनरिया,
पहने हैं फुलवा के हार,
चलो होली खेलेंगे!!

हाथों में खन-खन, खनके हैं चुड़ियाँ.
पावों में छम-छम, छनके पैजनियाँ,
चहके हैं सोलह सिंगार,
चलो होली खेलेंगे!!

कल-कल बहती है, नदिया की धारा.
सजनी को लगता है साजन प्यारा,
मुखड़े पे आया  निखार,
चलो होली खेलेंगे!!

उड़ते अबीर-गुलाल भुवन में
सिन्दूरी-सपने पलते सुमन में,
महके है मन में फुहार! 
चलो होली खेलेंगे!!

18 टिप्‍पणियां:

  1. खेलो जी आप होली, बढिया रचना है।

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत बढ़िया प्रस्तुति-
    आभार आदरणीय -

    उत्तर देंहटाएं
  3. आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति शुक्रवारीय चर्चा मंच पर ।।

    उत्तर देंहटाएं
  4. होली पर बहुत ही बढियाँ प्रस्तुति,आभार आदरणीय.

    उत्तर देंहटाएं
  5. होली पर रंगीन छटा बिखेरती सुंदर प्रस्तुति,,,,

    Recent post: रंगों के दोहे ,

    उत्तर देंहटाएं
  6. होली की शुभकामनाएँ ! सुंदर रचना..

    उत्तर देंहटाएं
  7. होली का अनोखा रंग आपकी ये प्रस्तुति बहुत सुंदर होली कि अग्रिम बधाई हो

    उत्तर देंहटाएं
  8. होली के रंगों में सराबोर रचना

    उत्तर देंहटाएं
  9. बड़ा कोमलता पूर्ण होली-गीत !
    होली की अग्रिम वधाई !

    उत्तर देंहटाएं
  10. रंगों से खेलने और खेलाने की कला आपमें अप्रतिम है गुरूदेव! होली की अग्रिम हार्दिक शुभकामनाएं!

    उत्तर देंहटाएं

  11. बहुत सुन्दर ...
    पधारें "चाँद से करती हूँ बातें "

    उत्तर देंहटाएं
  12. होलीमय रचना के लिए बधाई ,गुरु जी

    उत्तर देंहटाएं
  13. कभी कभी कोई एक पंक्ति ऐसा मन को छूती है, कि दिल बाग बाग हो जाता है...
    धरती ने धारी है धानी चुनरिया -
    इतना मधुर है, कि पढ़कर ही कान में रस घोल रहा है :)
    आपकी इस उत्कृष्ट रचना को अपने निम्न फेसबुक पेज पर साझा कर, बिना होली के ही रंग बिखेर रही हूँ :) सूचनार्थ.
    https://www.facebook.com/pages/%E0%A4%AE%E0%A5%88%E0%A4%82-%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A5%82%E0%A4%81/151949304899749?ref=hl

    उत्तर देंहटाएं

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथासम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails