सफर करते हैं तो लगता है, दुनिया है बहुत फैली! मगर जब ग्लोब को देखा तो, दुनिया बहुत छोटी है! बढ़ा जबसे चलन, मोबाइलों का देश में मेरे! सिमटकर आ गया, संसार सबकी जेब में अब तो! |
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सत्य है महाराज !
जवाब देंहटाएंसटीक....सच अब दुनिया बहुत छोटी लगती है...
जवाब देंहटाएंसही है !!
जवाब देंहटाएंदोनों ही सच हैं ।
जवाब देंहटाएंसिमटकर आ गया,
जवाब देंहटाएंसंसार सबकी जेब में अब तो!
बहुत सही
nice
जवाब देंहटाएंआधुनिक शे’र.. धन्यवाद..
जवाब देंहटाएंभूगोल की बात ही अब इतिहास हो गई..
जवाब देंहटाएंदुनिया सिमट कर अब मेरे पास हो गई
-सुन्दर ख्याल!!
बेहद खूबसूरत ख्याल है,
जवाब देंहटाएंरामराम.
good good....
जवाब देंहटाएंछोटी सी सुन्दर रचना के माध्यम से आपने सही बात कहा है!
जवाब देंहटाएंवाह. बहुत सुन्दर.
जवाब देंहटाएंबहुत सुंदर विचार...शास्त्री जी बढ़िया रचना के लिए धन्यवाद
जवाब देंहटाएंBAHUT KHUB
जवाब देंहटाएंBADHAI AAP KO IS KE LIYE
सफर करते हैं तो लगता है,
जवाब देंहटाएंदुनिया है बहुत फैली!
मगर जब ग्लोब को देखा तो,
दुनिया बहुत छोटी है!
....बहुत सुन्दर.