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रविवार, 23 मई 2010

“जीवन जीने की आशा है” (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)

जीवन इक खेल तमाशा है,
जीवन जीने की आशा है।

जिसने जग में जीवन पाया,
आया अदभुत् सा गान लिए।
मुस्कान लिए अरमान लिए,
जग में जीने की शान लिए।
इस बालक से जब यह पूछा,
बतलाओ तो जीवन क्या है?
बोला दुनिया परिभाषा है ,
सारा जीवन एक भाषा है।
जीवन इक खेल तमाशा है,
जीवन जीने की आशा है ।

पोथी जग की पढ़ते-पढ़ते,
अपने पथ पर बढ़ते-बढ़ते।
इक नीड़ बसाया जब उसने,
संसार सजाया जब उसने।
तब मैंने उससे यह पूछा-
बतलाओ तो जीवन क्या है?
वह बोला जीवन आशा है,
जीवन तो मधुर सुधा सा है ,
जीवन इक खेल तमाशा है,
जीवन जीने की आशा है ।

कुछ श्वेत-श्याम केशों वाले,
अनुभव के परिवेशों वाले।
अलमस्त पौढ़ और फलवाले,
जीवन बगिया के रखवाले।
बूढ़े बरगद से यह पूछा-
बतलाओ तो जीवन क्या है?
बोला जीवन अभिलाषा है,
जीवन तो एक पिपासा है।
जीवन इक खेल तमाशा है,
जीवन जीने की आशा है ।

जब आनन दन्त-विहीन हुआ,
तन सूख गया, बल क्षीण हुआ।
जब पीत बन गयी हरियाली,
मुरझाई जब डाली-डाली।
फिर मैंने उससे यह पूछा-
अब बतलाओ जीवन क्या है?

तब उसने अपना मुँह खोला,
और क्षीण भरे स्वर में बोला।
जीवन तो बहुत निराशा है।
जीवन तो बहुत जरा सा है।।
जीवन इक खेल तमाशा है,
जीवन जीने की आशा है।।

19 टिप्‍पणियां:

  1. इस कविता ने बतलाया है-
    जीवन की क्या परिभाषा है.

    ( आपका यह ब्लॉग प्रायः बहुत मुश्किल से खुल पाता है )

    उत्तर देंहटाएं
  2. आनंद आ गया पढ़ कर वाह जी .

    उत्तर देंहटाएं
  3. हमेशा की तरह बेहतरीन!!

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत सुन्दर रचना ! बढ़िया लगा!

    उत्तर देंहटाएं
  5. जीवन की एक और परिभाषा जो आपकी कलम से निकली, बहुत बढ़िया लगी.. सुन्दर कविता सृजन के लिए बधाई सर..

    उत्तर देंहटाएं
  6. मित्रों!
    अब उच्चारण का टेम्प्लेट बदल दिया है!
    --
    यदि अब भी यह ब्लॉग खुलनें में
    दिक्कत कर रहा हो तो
    कृपया सूचित करने की कृपा करें!

    उत्तर देंहटाएं
  7. जीवन जीने की आशा है ...वाकई ...

    उत्तर देंहटाएं
  8. ये रचना जीवन के हर मोड को इंगित करती हुई...वक्त के साथ जीवन की परिभाषा भी बदल जाती है....सुन्दर और सटीक अभिव्यक्ति...

    उत्तर देंहटाएं
  9. jeevan ko paribhashit to is kavita ki lay matr hi kar degi ... :) mujhe humesha pasand aati hain aap ki rachnaye.. :)

    उत्तर देंहटाएं
  10. जीवन का दर्शन परोस दिया है आवपने इस लाजवाब रचना में ... बहुत बहुत प्रणाम शास्त्री जी ...

    उत्तर देंहटाएं
  11. बेहद उम्दा रचना ........ बधाइयाँ !!

    उत्तर देंहटाएं
  12. जीवन यही है ...जीवन का शब्दों में चित्रण ,,अच्छा लगा

    उत्तर देंहटाएं
  13. जीवन जीने की आशा है!!
    वाह! बहुत बढिया.....सही बात, आशा का दूसरा नाम ही जीवन है...

    उत्तर देंहटाएं
  14. What a poem i like all these lines " Ek Ek line merey dil ko chuu gai apki poam ki kiya likhtey hai app nice you are great poet.

    उत्तर देंहटाएं
  15. kiya likh kar diya kamal ho gayey app bay mishaal nice poem

    उत्तर देंहटाएं

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