मित्रों! आज एक पुरानी रचना को आपके सामने प्रस्तुत कर रहा हूँ! ![]() प्रियतम जब तुम आओगे तो, संग बहारें लाओगे। स्नेहिल रस बरसाओगे और रंग फुहारें लाओगे।। तुमको पाकर मन के उपवन, बाग-बाग हो जायेंगे, वीराने गुलशन में फिर से, कली-सुमन मुस्कायेंगे, जीवनरूपी बगिया में तुम, ढंग निराले लाओगे। स्नेहिल रस बरसाओगे और रंग फुहारें लाओगे।। अमराई में कोयल फिर से, कुहुँक-कुहुँक कर गायेगी, मुर्झाई अमियों में फिर से, मस्त जवानी छायेगी, अमलतास के पेड़ों पर, पचरंगी फूल खिलाओगे। स्नेहिल रस बरसाओगे और रंग फुहारें लाओगे।। आशा है आकर तुम मेरे, कानों में रस घोलोगे, सदियों का तुम मौन तोड़कर, मीठे स्वर में बोलोगे, अपनी साँसो के सम्बल से, मुझको तुम सहलाओगे। स्नेहिल रस बरसाओगे और रंग फुहारें लाओगे।। |
| "उच्चारण" 1996 से समाचारपत्र पंजीयक, भारत सरकार नई-दिल्ली द्वारा पंजीकृत है। यहाँ प्रकाशित किसी भी सामग्री को ब्लॉग स्वामी की अनुमति के बिना किसी भी रूप में प्रयोग करना© कॉपीराइट एक्ट का उलंघन माना जायेगा। मित्रों! आपको जानकर हर्ष होगा कि आप सभी काव्यमनीषियों के लिए छन्दविधा को सीखने और सिखाने के लिए हमने सृजन मंच ऑनलाइन का एक छोटा सा प्रयास किया है। कृपया इस मंच में योगदान करने के लिएRoopchandrashastri@gmail.com पर मेल भेज कर कृतार्थ करें। रूप में आमन्त्रित कर दिया जायेगा। सादर...! और हाँ..एक खुशखबरी और है...आप सबके लिए “आपका ब्लॉग” तैयार है। यहाँ आप अपनी किसी भी विधा की कृति (जैसे- अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कर सकते हैं। बस आपको मुझे मेरे ई-मेल roopchandrashastri@gmail.com पर एक मेल करना होगा। मैं आपको “आपका ब्लॉग” पर लेखक के रूप में आमन्त्रित कर दूँगा। आप मेल स्वीकार कीजिए और अपनी अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कीजिए। |

सुन्दर गीत!
जवाब देंहटाएंबहुत खुबसूरत प्यारी प्यारी रचना....
जवाब देंहटाएंप्रेम की सुन्दर अभिव्यक्ति।
जवाब देंहटाएं... अंतिम पंक्तियाँ उद्वेलित कर देती हैं... सुन्दर गीत!
जवाब देंहटाएंबहुत ही सुन्दर और प्यारी सी प्रस्तुति है.
जवाब देंहटाएंमन को हर्साती हुई,सुन्दर भाव जगाती हुई.
आभार.
सुंदर....
जवाब देंहटाएंman ko bha gayi apki kavita...sundar
जवाब देंहटाएंbahut pyara geet.aabhar.
जवाब देंहटाएंबहुत सुंदर ..
जवाब देंहटाएंप्रेममय गीत !
जवाब देंहटाएंअच्छी अभिव्यक्ति
जवाब देंहटाएंब्लॉग कमाने में कितना सहायक ? अनुभव और उदाहरण ~ ज्ञान दर्पण
badhiyaa geet
जवाब देंहटाएं्प्रेममयी सुन्दर रचना।
जवाब देंहटाएंबढ़िया गीत सर,
जवाब देंहटाएंसादर बधाई...
बहुत प्यारी रचना...
जवाब देंहटाएंसुंदर गीत .....
जवाब देंहटाएंबहुत प्यारी रचना...
जवाब देंहटाएंAadi napay
जवाब देंहटाएंAadi napay
जवाब देंहटाएं