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रविवार, 16 अक्तूबर 2011

" घोटालों की बेल" ( डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

आज राम के देश में, फैला रावण राज।
कैसे अब बच पाएगी, सीताओं की लाज।।

गंगा बहती झूठ की, गिरी सत्य पर गाज।
पापकर्म बढ़ने लगे, दूषित हुआ समाज।।

लोकतन्त्र में हो रहा, कैसा गन्दा खेल।
शासन में बढ़ने लगी, घोटालों की बेल।।

ग्वाले मक्खन खा रहे, मोहन की ले ओट।
सत्ता के तालाब में, मगर रहे हैं लोट।।

आशा है मन में यही, आयेंगे अवतार।
मेरे भारत देश का, होगा तब उद्धार।।

27 टिप्‍पणियां:

  1. धन्य-धन्य यह मंच है, धन्य टिप्पणीकार |

    सुन्दर प्रस्तुति आप की, चर्चा में इस बार |

    सोमवार चर्चा-मंच

    http://charchamanch.blogspot.com/

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  2. आशा है मन में यही उतरेंगे अवतार ...
    यही आस विश्वास बनाये रखती है !

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  3. हम हिन्दुस्तानी तो वैसे भी अवतारों की राह देखते ही रहे हैं। अच्छे दोहे शास्त्री जी।

    उत्तर देंहटाएं
  4. वर्तमान परिस्थितियों में सन्नाट व्यंग मारती कविता।

    उत्तर देंहटाएं
  5. ग्वाले मक्खन खा रहे, मोहन की ले ओट।
    हमें मिले ना मूँगफली , वो खायें अखरोट.

    सामयिक चुटीले दोहे.

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  6. बहुत सुन्दर व्यंग्यात्मक दोहे।

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  7. सटीक व्यंग..सुन्दर प्रस्तुति

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  8. श्री मान जी नमस्कार ,
    बिलकुल सही बात कही है आपने, सब कुछ ऐसा ही हो रहा है |

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  9. बहुत बढ़िया दोहे प्रस्तुत किए हैं!

    उत्तर देंहटाएं
  10. इस रचना के माध्यम से आपने जो भी कहा है वह बिल्कुल सत्य है। अब तो सही में किसी अवतार का ही इंतज़ार है ताकि इस देश का उद्धार हो सके।

    उत्तर देंहटाएं
  11. सुबह के पहले रात की कालिमा और गहरी हो जाती है। वैसे अवतारों का इंतजार ना कर खुद ही कदम उठ जाएं तो बेहतर है।

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  12. घोटालों की इस् विषबेल के खिलाफ अब जंग जरूरी है.

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  13. बहुत ही संयत शब्दोँ मेँ भ्रष्टाचार व अन्याय व्यवस्था का सटीक चित्रण किया है आपने,उत्कृष्ट रचना,बधाई!

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  14. मौजूदा दौर का बेहतर चित्रण।

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  15. वास्तविक स्थिति का चित्रांकन है इस कविता के माध्यम से।

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  16. आज की समाजिक व्यवस्था पर सटीक चोट

    उत्तर देंहटाएं
  17. आज की समाजिक व्यवस्था पर सटीक चोट

    उत्तर देंहटाएं
  18. आज के परिवेश में बदलते सामाजिक मूल्यों पर सटीक प्रहार .......

    उत्तर देंहटाएं
  19. चुटीली सामयिक छंद सर....
    सादर बधाई....

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  20. सटीक लेखनी ..वर्तमान के हालातो पर आधारित

    उत्तर देंहटाएं
  21. लाजवाब दोहे! सटीक चित्रण !

    उत्तर देंहटाएं

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